नई दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बीच सरकार की हलचल तेज
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद भवन परिसर स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की।
हालांकि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया है, लेकिन यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।
NEET विवाद को लेकर एक महीने से जारी है आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसी मांग को लेकर संगठन ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया था।
बैरिकेड तोड़ने की कोशिश, सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे और संसद की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेड्स के जरिए उन्हें रोकने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की।
पूरे नई दिल्ली जिले में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और संसद सत्र के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सरकार ने बातचीत की पहल की
प्रदर्शन के बीच CJP ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने बातचीत के लिए संपर्क किया है। संगठन के अनुसार, उसके दो प्रवक्ता केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संभावित वार्ता को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
संसद सत्र के दौरान बना प्रमुख मुद्दा
‘चलो संसद’ मार्च और NEET परीक्षा विवाद का मुद्दा संसद के मानसून सत्र के दौरान भी प्रमुख रहने की संभावना है। विपक्ष पहले से ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों से जुड़े मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।

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