चंद्रयान 2 के लैंडर विक्रम से संपर्क की उम्मीद कम, जानिए इसरो ने क्या कहा

चंद्रयान 2:  विक्रम लैंडर से सम्पर्क टूटने के बाद भी भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के वैज्ञानिक अभी भी अपने दूसरे मून मिशन चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर से संपर्क साधने की पूरी कोशिश कर रहें हैं। वहीं आज 18 सितंबर को इस मिशन को लेकर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा विक्रम लैंडर के लैंडिंग स्थल का पता लगाने में कामयाब हो सकता है।  

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ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि, नासा का यह ऑर्बिटर विक्रम से संपर्क साधने की पूरी कोशिश करेगा और लैंडिंग स्तल की तस्वीरें कैद करने में कामयाब होगा| इसरो के पास अब चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर का पता लगाने के लिए केवल पांच दिन ही शेष रह गए हैं और ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि, आज एक अच्छी खबर आ सकती है।

स्पेसफ्रेम डॉट कॉम के मुताबिक, नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के एलआरओ के परियोजना वैज्ञानिक नोआ पेट्रो ने मंगलवार 17 सितंबर को कहा कि, आज विक्रम लैंडिंग साइट पर ऑर्बिटर उड़ान भरने वाला है। वहीं बता दें कि, नासा ने पहले ही कहा है कि, वह इसरो को लैंडिंग स्थल की लैंडिंग से पहले और बाद की तस्वीर देगा।

इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा था कि, “वैज्ञानिक विक्रम के साथ संबंध स्थापित करने का प्रयास करते रहेंगे। विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित करने के लिए महज पांच दिन बचे हैं। ऐसे इसलिए क्योंकि विक्रम जिस वक्त चांद पर गिरा, उस समय वहां सुबह ही हुई थी। चांद का पूरा दिन यानी सूरज की रोशनी वाला पूरा समय धरती के 14 दिनों के बराबर होता है। इन दिनों में चांद के इस इलाके में सूरज की रोशनी रहती है।

14 दिन बाद यानी 20-21 सितंबर को चांद पर रात होनी शुरू हो जाएगी। 14 दिन काम करने का मिशन लेकर गए विक्रम और उसके रोवर प्रज्ञान के मिशन का वक्त पूरा हो जाएगा। इस अवधि के बाद सौर पैनलों के सहारे चलने वाला विक्रम लैंडर स्लीप मोड में चला जाएगा। “

इसी के साथ इसरो प्रमुख ने कहा था कि, ‘विक्रम लैंडर की हार्ड लैंडिंग हुई थी। साथ ही इसरो ने यह भी कहा था कि चांद की सतह पर विक्रम लैंडर सलामत है और वह साबुत है। बस वह झुका हुआ है।’

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