तारा शाहदेव के संघर्ष की कहानी हौसले ने बना दिया खेल का सितारा

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आप अक्सर सुनते होंगे, कि हालात के मुताबिक सभी लोग जीना सीख लेते हैं, लेकिन वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो अपने खराब से भी खराब हालातों का डटकर सामना करते हुए अपनी आखिर मंजिल हासिल कर लेते हैं| इसी तरह कुछ तारा शाहदेव के संघर्ष की कहानी हैं,  जिन्हे हौसले ने जीने का रास्ता बता दिया है| तारा राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज और 2014 में रांची के चर्चित घरेलू हिंसा और धर्मांतरण केस की पीड़िता हैं|

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अभी कुछ समय पहले ही तारा शाहदेव ने शूटिंग जज की परीक्षा पास कर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में जज और तकनीकी पदाधिकारी बनने की उपाधि प्राप्त की है| वर्तमान समय में वह जेएसएसपीएस में कोच हैं।

साल 2014 में तारा शाहदेव ने रंजीत कोहली (रकीबुल हसन) के साथ शादी की थी। पुलिस को बयान देते हुए बताया था,कि शादी के कुछ दिन ही बीत थे, कि उन पर अत्याचार होने लगे। इसके बाद जब थोड़ा समय और  गुजरा तो तारा के सामने एक और सच्चाई का खुलासा हुआ | तारा को कुछ दिन बाद मालूम हुआ, कि उसके पति का नाम रंजीत सिंह भी नहीं है।

ये सारी सच्चाई मालूम हो जाने के बाद तारा एक दिन घर से भागने में कामयाब हो गई और  फिर इसके लिए लड़ाई लड़ने का फैसला किया और साल 2015 में इस केस की जांच भी शुरू कर दी गई थी, जिसके लिए आज भी तारा को गवाही के लिए कोर्ट जाना पड़ता है|

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