चंदा कोचरः ICICI बैंक की पहली महिला सीईओ, पढ़े कैसे हुआ तय अर्श से फर्श तक का सफ़र

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चंदा कोचर मैनेजमेंट ट्रेनी से करियर की शुरुआत कर आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ बन गई | 2014 में फॉर्च्यून मैगजीन ने चंदा कोचर को एशिया की 25 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल कर दिया था, इन 25 महिलाओं में चंदा को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था |

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वहीं अब चंदा कोचर की मुश्किलें काफी बढ़ चुकी हैं क्योंकि, अब उनके ऊपर फ्राड का केस दर्ज किया जा चुका है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चंदा कोचर पहले IAS बनना चाहती थी लेकिन बन बैठी बिजनेस वुमन…

चंदा आईसीआईसीआईसी बैंक में 9 साल से सीईओ की नौकरी में बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा नाम कमाया हैं, परन्तु उन्हें दोषी करार पाने की वजह से 2009 से मिले बोनस से लेकर  भविष्य में मिलने वाली कई सुविधाओं को बैंक ने वापस ले लिया है । इस मामले पर जस्टिस बी.एन श्रीकृष्णा ने चंदा के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी जिसके तहत बैंक ने कड़ा कदम उठाते हुए उनको देने वाली सारी सुविधाओं को रोक दिया है |

चंदा कोचर का शुरुवाती जीवन

बता दें कि चंदा का जन्‍म 17 नवंबर, सन 1961 को जोधपुर, राजस्थान में हुआ था | चंदा जब केवल 13 साल की ही थी तभी उनके पिता का देहांत हो गया था | उन्होंने अपनी स्कूली पढाई मुंबई जयपुर से पूरी की और बाद बाद में वो  मुंबई आ गई | उन्होंने मुंबई से ही जय हिंद कॉलेज से आर्ट्स में ग्रैजुएशन पूरा किया | इसके अलावा उन्होंने मुंबई में ही जमनालाल बजाज इंस्‍टीट्यूट ऑफ बिजनेस स्टडी से मैनेजमेंट में मास्टर की डिग्री प्राप्त की और उन्होंने अपने शुरुवाती जीवन में सिविल सर्विसे की नौकरी करना चाहती थी परन्तु, बाद में उन्होंने या फील्ड न चुनते हुए फाइनेंस की फील्ड चुनी |

ऐसे तय हुआ अर्श से फर्श तक अक सफर

चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक में 1984 में मैनेजमेंट ट्रेनी नौकरी जारी कर दी  थी। इसके बाद उन्हें 2009 में बैंक का सीईओ घोषित कर दिया गया था। चंदा देश की ऐसी पहली महिला हैं जिन्होंने बैंक में सीईओ की पदवी को अपने नाम किया हैं । इनकी उम्र लगभग 48 साल है और ये 2009 में ICICI बैंक की सबसे युवा सीईओ रही थीं लेकिन  बैंक में बड़ा  घोटाला करने की वजह से उनके उपर केस दर्ज हो चुका है |

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2008 में दीपक कोचर (चंदा कोचर के पति) और वेणुगोपाल धूत (वीडियोकॉन कंपनी के चेयरमैन) ने नूपावर रिन्वेबल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का निर्माण किया | जिसमें 50 प्रतिशत शेयर धूत चंदा के घरवालों के नाम और विशेष शेयर दीपक कोचर के नाम थे | इसके बाद जनवरी 2009 में धूत नूपॉवर के निदेशक पद से इस्तीफ़ा देने के बाद अपने 24,999 शेयर ढाई लाख रुपये में कोचर को बेच देते हैं |

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