क्या आप अपने बालों की कीमत जानते हैं अगर नहीं मालूम तो यहाँ देखें कितने रूपये में बिक रहे बाल

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दुनियाभर में बालों से करोड़ों रुपये का बिजनेस होता है, इस बिजनेस में भारत का भी बड़ा योगदान है| हमारे देश से प्रत्येक वर्ष लगभग 400 मिलियन डॉलर के बाल सप्लाई होते हैं| बालों का यह कारोबार 2,500 करोड़ रुपये का बताया जाता है| इस व्यापार में प्रतिवर्ष वर्ष 10% की वृद्धि हो रही है |

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सिर से कटे और झड़े बालों की कीमत करोड़ों रुपये  है| गावों में फेरीवाले घर-घर जाकर बाल इकट्ठा करते हैं, यह लोग बालों को खरीदकर स्थानीय व्यापारियों को बेचते हैं, इसके पश्चात यह बाल कोलकाता, चेन्नई और आंध्रप्रदेश के व्यापारियों को बेचते हैं| यह स्थान विदेशी व्यापारियों का मार्केट कहा जाता हैं| कोलकाता में बालो का कारोबार भारी मात्रा में किया जाता है, यहाँ 90 फीसद बाल चीन भेजे जाते हैं |

बालों का व्यापार

1.झड़े बालों का व्यापार प्रतिवर्ष लगभग 30 हजार करोड़ रुपये तक है

2.मध्यप्रदेश में लगभग 100 करोड़ रुपये के बाल प्रतिवर्ष विक्रय किये जाते है

3.कोलकाता में एक किलो बाल की कीमत 800 से 1200 रुपये तक है

4.कंघी से झड़े हुए बालों की बिक्री का प्रतिशत पिछले पांच वर्षो में काफी वृद्धि हुई है

5.बाल लंबाई के आधार पर 200 से 1,000 डॉलर प्रति किलो बिकते हैं

6.होली से पहले दो हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाता है, क्योंकि कलरफुल विग की डिमांड बढ़ जाती है

इस व्यापार का सबसे अहम पहलू बालों की क्वालिटी है, मार्केट में ‘वर्जिन हेयर’ की मांग सबसे अधिक है | ‘वर्जिन हेयर’ ऐसे बालों को कहा जाता है, जिसमें किसी प्रकार रंग न लगा हो, जिनका कोई ट्रीटमेंट न किया गया हो| भारत से जाने वाले अधिकांश बाल इसी श्रेणी के होते हैं| ऐसे बालों की सबसे अधिक मांग अमेरिका, चीन, ब्रिटेन और यूरोप में है|

भारत के मंदिरों से जाने वाले बाल ‘वर्जिन हेयर’ की मांग पूरी करते हैं | वर्ष 2014 में तिरुपति मंदिर से 220 करोड़ रुपये के बालों की बिक्री हुई थी,  2015 में तिरूमाला तिरुपति देवास्थान ने श्रृद्धालुओं के बालों का ई-ऑक्शन कर 74 करोड़ रुपये एकत्र किया था|

हेयर एक्सपो‌र्ट्स के अनुसार, अच्छी क्वालिटी के बालों का मिलना कठिन हो गया है| दक्षिण भारत की महिलाएं अपने बालों के साथ अधिक छेड़छाड़ नहीं करतीं है,  इसलिए निर्याता मंदिरों की शरण में जाते हैं| तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मंदिरों से बालों का निर्यात सबसे अधिक होता है|

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