यूपी समाजवादी पेंशन योजना: 4.50 लाख अपात्रों ने डकारे 10.80 अरब रूपये, मरे लोगों के नाम पर जारी होती रही पेंशन

सपा सरकार ने 2014-15 में यूपी की समाजवादी पेंशन योजना लागू की थी| यह योजना बुजर्गों और विधवा महिलाओं के लिए जारी की गई थी | इस योजना का लाभ उठाने वाले लोगों के खाते में प्रत्येक तीन माह  में 1500 रूपये भेजे जाते है, परन्तु हाल ही में इस योजना के अंतर्गत अरबों रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे प्रदेश में 4.50 लाख अपात्रों ने 10.80 अरब रुपये का फर्जीवाड़ा पाया गया है | इन अपात्रों को पेंशन योजना आरंभ होनें के समय से निरंतर दी जा रही है।

कुछ समय पहले ही इस मामले की पूरी जानकारी प्रमुख सचिव से लेकर राज्य सरकार को दी जा चुकी है। इन अपात्रों पर क्या कार्रवाई की जाये इसके लिए शासन के निर्देशों का इंतजार हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, अब इस मामले में मरे हुए लोगों के नाम पर पेशन लेने वाले दोषी अफसरों के खिलाफ कुछ समय के अन्दर ही कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी |

प्रमुख सचिव समाज कल्याण को जब इस मामले की जानकारी हुई थी तभी उन्होंने मई 2017 में जांच कर एक महीने में रिपोर्ट निकाली थी, जिसे अब तैयार किया गया है। जिलों में जिन अधिकारियों के पास सबसे अधिक अपात्र पाए जायेंगे उनकी भी सूची तैयार की जा रही है |

समाज कल्याण विभाग के मंत्री रमापति शास्त्री ने बताया है कि सरकार के 4.50 लाख अपात्रों ने 10.80 अरब रुपये हजम कर गये हैं जिसकी जानकरी हो चुकी है | इन्होंने कहा कि इस मामले पर बहुत जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक करके कोई अहम फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा निदेशक समाज कल्याण जगदीश प्रसाद ने कहा है कि इस बैठक में समाजवादी पेंशन योजना की जगह पर नई पेंशन योजना को लागू करने का निर्णय लिया जा सकता है।