ब्रिटिश सांसद ने फेसबुक को क्यों बताया ‘डिजिटल गुंडा’ ?

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ब्रिटिश सांसदों ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में फेसबुक पर ब्रिटेन में ‘स्वेच्छा से आंकड़ों से जुड़े निजता संबंधी नियमों और प्रतिस्पर्धा-रोधी कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया। रिपोर्ट में फेसबुक की जांच और नियंत्रण की मांग की गई है| सांसदों ने कंपनी को ‘डिजिटल गुंडा’ की संज्ञा दी गयी है|  ब्रिटेन की डिजिटल, संस्कृति, मीडिया और खेल समिति ने ‘फेक न्यूज’ और गलत जानकारी फैलाने के लिए फेसबुक एवं अन्य सोशल मीडिया कंपनियों पर 18 महीने की जांच के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी की है |

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यह रिपोर्ट 108 पन्नों की है|  रिपोर्ट में ब्रिटेन के सांसदों ने सोशल मीडिया साइट्स के लिए एक स्वतंत्र नियामक और अनिवार्य आचार संहिता बनाने की मांग की है, जिसका उल्लंघन करने पर ‘भारी जुर्माना’ लगाया जा सकता है| ब्रिटिश लॉ मेकर्स द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है, कि सभी सोशल मीडिया वेबसाइटों को फेक न्यूज और गलत जानकारियों को हैंडल करने के लिए एक आचार संहिता का पालन करना करना चाहिए और सख्त तरीके से नजर रखनी चाहिए।

समिति ने ब्रिटेन के सांसदों के समक्ष पेश होने से इनकार करने के सम्बन्ध में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग पर अवमानना का आरोप लगाया है, क्योंकि डेटा कलेक्शन के लिए मार्क जुकरबर्ग अमेरिका और यूरोपियन यूनियन के सांसदों के समक्ष पेश हुए थे, परन्तु वह ब्रिटेन के सांसदों के समक्ष पेश नहीं हुए| रिपोर्ट में कहा गया है, कि फेसबुक जैसी कंपनियों को ऑनलाइन दुनिया में ‘डिजिटल गुंडे’ जैसा बर्ताव करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

पिछले माह जारी की गयी एक रिपोर्ट में कहा गया था, कि 12 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डाटा चोरी किया गया और इसे इंटरनेट पर सेल के लिए भी रखा गया, इनमें से 81 हजार यूजर्स के प्राइवेट डेटा, फोटोज और मैसेजस को इंटरनेट पर पोस्ट भी किया गया था। वहीं कंपनी के निवेशकों ने कैंब्रिज एनालिटिका डाटा लीक जैसे मामले में जुकरबर्ग से चेयरमैन पद से इस्तीफा देने की मांग की थी, जिसे मार्क जुकरबर्ग ने ठुकरा दिया था।

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