के.जी.एफ : चैप्टर 1 मूवी रिव्यू

रॉकी एक बहुत ही हौसला रखने वाला लड़का है, जो अपनी माँ का सपना पूरा करने के लिए हमेशा प्रयास करता रहता हैं वह बहुत ही अमीर बनके और सफलता हासिल करके हर जगह अपना नाम रोशन करने का सपना देखता है | यही सपना उसकी माँ ने भी देखा होता है, जिसे पूरा करने के लिए रॉकी हमेशा कोशिश में लगा रहता है| मुंबई के सड़कों से लेकर KGF के मैदान तक वह बस अब अपने इसी लक्ष्य तक पहुंचने में लग जाता है।

जाने यश का किरदार

प्रशांत नील की ‘केजीएफ’ में लीड स्टार की भूमिका में हैं यश| इससे दर्शकों को उम्मीद है कि यह फ़िल्म बहुत ही अच्छी और लाज़वाब रहेगी, इसका दर्शकों को पूरा विश्वास है|अब क्या यह फ़िल्म दर्शकों के भरोसे को जीत पायेगी? ये तो फिल्म देखने के बाद दर्शक ही बतायंगे, पर आपको हम बता दें ऐसा ही होगा इस फ़िल्म से लोग बिल्कुल भी बोरियत और निराशा महसूस नहीं करेंगे| फिल्म की बात करें तो इसका फर्स्ट हाफ काफी तेजी से आगे बढ़ जाता है, जिससे  बोरियत महसूस नहीं होती है। फिल्म का सेकंड हाफ क्लाइमैक्स के लिए बहुत ही ज़बरदस्त  है।

फ़िल्म में क्या है रोचक?

फिल्म का सबसे ख़ास और रोचक भाग लगता है फिल्म का स्क्रीनप्ले और कहानी को सही ढंग से पिरोना ये चीजे लोगों को काफी पसंद आने वाली है| इसके अलावा इस फ़िल्म में सीन और डायलॉग्स इतने लाजवाब हैं कि दर्शक बस इन्हें देखते और सुनते ही रह जायेंगे | इसमें रॉकी का सबसे अलग ही अंदाज दिखता है जो धीरे-धीरे अपने अंदाज़ में ढलता नजर आता है।

इस फ़िल्म को देखकर सिनेमाघरों में तालियों और सीटियों की बौछार हो जायेगी ऐसा लग रहा है| फिल्म की कहानियों के बीच तालमेल बिठाने के लिए मेकर्स ने काफी चालाकी से इसकी कहानी दर्शकों के सामने रखी है। इस फिल्म में 1951 के दौर से लेकर साल 2018 तक के  सफर को दर्शाया गया है, इस फ़िल्म में,  यह दौर कहानी को बिल्कुल ही सही ढंग से पेश करने के लिए पिरोया गया है| मेकर्स ने दर्शकों में फिल्म में दिलचस्पी बनाये रखने के लिए हर किरदार को बहुत ही अलग ढंग से पेश करने की कोशिश की है जिसमे वो बहुत हद तक सफल भी रहें हैं |

इस फ़िल्म में शामिल होने वाले अन्य सभी किरदार इस फ़िल्म को और भी रोचक बना देते हैं | जिससे फ़िल्म और भी अधिक इंट्रेस्टिंग हो जाती है| इस फ़िल्म में आपको ऐसा कुछ नहीं मिलेगा जो आपको अच्छा न लगे | इसमें आपको कई सीन ऐसे मिलेंगे जो आपको हद से ज्यादा पसंद आयेंगे |

केजीएफ की काली दुनिया से लेकर बेंगलुरु का चमकदार नाइटलाइफ सीन जो काफी रोचक बन पड़ा है। रॉकी के रूप में यश ने इस किरदार को बहुत अच्छे से जिया है | इस फ़िल्म में इनका शामिल होना ही दर्शकों को काफी पसंद आया है और उम्मीद है कि स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी दर्शकों में उत्साह उत्पन्न करती है।

इस फ़िल्म में रॉकी तब तक कोशिश करता रहता है जब तक वह अपने माँ के सपने को पूरा न कर लें | इस उंचाई तक पहुंचने में रॉकी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं|बाकी बातें आपको फिल्म देख कर ही पता चलेंगी|