JEE 2020 के सिलेबस में हुआ बदलाव – फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स से आएंगे कम सवाल

अभी तक 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमैटिक्स पढ़नें वाले छात्र बैचलर ऑफ प्लानिंग कोर्स में प्रवेश के योग्य होते थे, परन्तु अब क्रिटेरिया बदल गया और अब 12वीं के लिए सिर्फ मैथ्स ही अनिवार्य रह गया है। 12वीं कक्षा में गणित पढ़ने वाले अब हर स्ट्रीम के छात्रों को बैचलर्स इन प्लानिंग कोर्स की प्रवेश परीक्षा में भाग लेने का मौका मिलेगा। साथ ही, जो लोग बैचलर ऑफ प्लानिंग कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं, उनसे ड्रॉइंग टेस्ट नहीं लिया जाएगा। अब ड्रॉइंग टेस्ट सिर्फ आर्किटेक्स कोर्स की प्रवेश परीक्षा में ही लिया जाएगा। 

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जनवरी 2020 में होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा अर्थात जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (मेन) में बदलाव देखने को मिलेंगे| पिछले 20 वर्षों में पहली बार जेईई (JEE) के सभी प्रतिस्पर्धियों को भौतिकी (फिजिक्स), रसायन (केमिस्ट्री) और गणित (मैथमैटिक्स) के कम सवालों का सामना करना पड़ेगा। वहीं, आर्किटेक्चर कोर्स में भाग लेने के इच्छुक प्रतिस्पर्धियों को भी इंजिनियिरिंग ड्रॉइंग के कम सवाल ही हल करने होंगे।

बैचलर ऑफ प्लानिंग और बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर प्रवेश परीक्षा के लिए मैथमैटिकिस और ऐप्टिट्यूड टेस्ट पेपर एक समान होंगे। हालांकि, पिछले वर्ष से इतर इस बार बैचलर ऑफ प्लानिंग के अभ्यर्थियों को ड्रॉइंग पेपर नहीं देना होगा, बल्कि उन्हें प्लानिंग पर 25 मल्टिपल चॉइस क्वेश्चंस हल करने होंगे। JEE (Main) 2020 की पहली परीक्षा 6 से 11 जनवरी जबकि दूसरी परीक्षा 3 से 9 अप्रैल के बीच होगी।

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