मकर संक्रांति 2020 कब है, मकर संक्रांति क्यों मनाते है

भारत में अलग अलग प्रदेशों में मकर संक्रांति का पर्व अलग अलग नामों से मनाते है जिसे खिचड़ी, उत्तरायण, पोंगल, संक्रांति, माघी, मकर संक्रमण आदि नामों से जाना जाता है | भारत के अलावा और भी देश इस पर्व को मनाते है जिसे नेपाल में माधे संक्रांति, बांग्लादेश में पौष संक्रांति, थाईलैंड में सोंगकरन, श्रीलंका में पोंगल आदि नामों से प्रचलित है।

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मकर सक्रांति 2020 कब है

इस वर्ष मकर संक्रांति को लेकर लोगों में तारीख को लेकर उलझन की स्थिति बनी हुई है, कि मकर संक्रांति इस वर्ष 14 जनवरी या 15 जनवरी को किस दिन मनाई जाएगी। यदि ऐसी स्थिति में आपके मन में भी यह प्रश्न आ रहा है तो इसका सटीक जवाब यह है कि इस वर्ष ज्योतिषीय गणना के मुताबिक 15 जनवरी दिन बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व दान पुण्य और उत्सव के साथ मनाया जायेगा।

इस वर्ष 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाए जाने का कारण यह है कि इस वर्ष सूर्य का मकर राशि में आगमन 14 जनवरी की मध्य रात्रि दिन मंगलवार के बाद रात 2 बजकर 7 मिनट पर हो रहा है। मध्य रात्रि के बाद संक्रांति लगने के कारण पुण्य काल का कार्य अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर तक ही शुभ मुहूर्त माना जायेगा।

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मकर सक्रांति क्यों मनाते है

मकर संक्रांति मनाने के भारत में सभी प्रदेश में अलग अलग कथाएं प्रचलित है | इस पर्व को लेकर हिंदू धर्म में सूर्यदेवता से जुड़े कई त्‍योहारों को मनाने की परंपरा चली आ रही है। इन्हीं परम्पराओं में से एक मकर संक्राति भी है। शीत ऋतु में हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पौस मास में जब भगवान सूर्य उत्‍तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो सूर्य की इस संक्रांति को मकर संक्राति के त्यौहार के रूप में देश भर में मनाया जाता है।

मकर सक्रांति में दान और स्‍नान का महत्‍व

मकर सक्रांति में दान और स्‍नान का विशेष महत्‍व होता है, शास्‍त्रों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्‍नान, ध्‍यान और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। अगर पुराणों के अनुसार देखा जाये तो मकर संक्रांति का दिन देवताओं का बताया गया है। हिन्दू धर्म में मान्‍यता है कि मकर संक्रांति के दिन किया गया दान सौ गुना होकर वापस मिलता है।

मकर सक्रांति 2020 शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति के लिए दान – पुण्य और पूजा हेतु दिन समय हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष निर्धारित किया जाता है इस वर्ष मकर संक्रांति पुण्‍य काल 15 जनवरी 2020 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शाम 5 बजकर 46 मिनट तक होगा तथा इसकी कुल अवधि  10 घंटे 31 मिनट की होगी |

इसके अलावा मकर संक्रांति महापुण्‍य काल का समय 15 जनवरी 2020 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से सुबह 9 बजे तक माना गया है तथा इसके समय की कुल अवधि 1 घंटा 45 मिनट है |

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