NCTE ने 4 वर्षीय बीएड की मान्यता प्रक्रिया रोकी

वर्ष 2019-20 से शुरू होने वाले चार वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी-बीएड) की मान्यता प्रक्रिया पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने रोक लगा दी है । इस प्रक्रिया की समयावधि 03 दिसंबर से 31 दिसम्बर तक निर्धारित की गयी थी । दो वर्षीय बीएड कोर्स के स्थान पर इस चार वर्षीय बीएड कोर्स का उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन विरोध करने में लगा हुआ है । एसोसिएशन सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गये इस निर्देश के खिलाफ है |

एनसीटीई ने इस चार वर्षीय कोर्स के शुरू होने के बाद इसके परिणाम के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया । इसके बाद एनसीटीई का कहना है, कि इस प्रकिया के शुरू होने से बीएड कोर्स चलाने वाले कॉलेजों को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है, क्योंकि 25 हजार कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक बेरोजगार हों जायेंगे, साथ ही लाखों छात्र बीएड से वंचित रह जायेंगे | सबसे मुख्य बात यह है, कि उन्हें चार वर्षीय आईटीपी कोर्स की मान्यता भी नहीं मिल पायेगी |

इस प्रकरण पर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने कहा है, कि पहले तो यह बीएड का कोर्स केवल एक साल का था लेकिन 2014 से इसे बढ़ाकर दो वर्ष तक कर दिया | अब सुप्रीम कोर्ट ने अचानक इस प्रक्रिया को चार वर्ष तक कर दिया है, जबकि आईटीईपी का कोर्स भी उसी कॉलेज में कराया जाएगा जिस कॉलेज में बीएससी, बीए या बीकॉम की कक्षाएं संचालित हैं ।

एनसीटीई ने इस प्रकरण के सम्बन्ध में अपनी वेबसाइट पर चार वर्षीय आईटीईपी कोर्स की प्रक्रिया अग्रिम आदेश तक स्थगित करने की जानकारी दी है, इसके निरस्त करनें के कारण से सम्बंधित किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गयी है |