शनिवार को जूते–चप्पल क्यों नहीं खरीदे जाते – क्या आप जानते हैं

हिंदू धर्म में प्रत्येक दिन और तारीख के लिए कुछ ना कुछ शास्त्रों में लिखा है, और इससे सम्बंधित कुछ नियम बनाए गए है, जिन्हें बहुत से लोग इसे मानते हैं, और बहुत से लोग नजर अंदाज कर देते हैं, यदि शास्त्रों में कुछ लिखा है, तो उन्हें सोच-समझकर ही लिखा गया होगा, इसमें विश्वास रखना चाहिए|

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हम अपने दैनिक जीवन बहुत सारी ऐसी बातों को करने से बचते हैं, जिनसे शनि देव हमसे प्रसन्न रहे और रुष्ट ना हों| शनि देव का संबंध खास तौर पर पैरों से होता है, इसलिए शनिवार के दिन जूता या चप्पल बिलकुल भी नही खरीदना चाहिए| आईये जानते है, इसके कारणों के बारें में|

शनिवार को इसलिए नहीं खरीदते जूते-चप्पल

1.शनिवार को जूते-चप्पल नहीं खरीदे जाते हैं, क्योंकि शनि का संबंध सीधे पैर से होता है, ऐसा माना जाता है, कि उस दिन जूते या चप्पल खरीदने से शनि संबंधी पीड़ा भी घर आ सकती है|

2.कई बार सुनने में आया है, कि मंदिरों के बाहर उतरे भक्तो के चप्पल चोरी हो जाते हैं | यह आपके लिए अच्छा संकेत होता है, क्योंकि तब शनि आपका पीछा छोड़ने वाले होते हैं।

3.शनि के प्रकोप से बचने के लिए शनिवार के दिन काले रंग की चमड़े की चप्पल या जूते पहनकर मंदिर के बाहर जाकर उतार दें और बिना पलटे वापस आने से शनि दोष से मुक्ति मिल जाती है।

4.कभी भी घर के मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल नहीं उतारने चाहिए क्योंकि, इससे घर के अन्दर नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है|

5.अक्सर लोग थोड़े बहुत फटे और पुराने जूते पहने रहते हैं, इससे शनि का अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता है और घर पर दरिद्रता वाश होता है।

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