सबरीमाला और राफेल सौदे पर दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज देगा निर्णय

सबरीमाला में सभी आयु की महिलाओं के प्रवेश को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी और राफेल लड़ाकू विमान सौदे के मुद्दे पर भी 2018 के आदेश पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी जिसपर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा | इसके पहले आये फैसले में कोर्ट ने 2018 के आदेश में राफेल सौदे की सीबीआई जांच का आदेश नहीं दिया था |

सबरीमाला केस में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की बेंच फरवरी में ही बहस पूरी कर चुका था, परन्तु याचिकाओं के समूह पर निर्णय को सुरक्षित रख लिया था | इन याचिकाओं में शीर्ष कोर्ट के 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई थी | 2018 का निर्णय सबरीमाला मंदिर में सभी आयु की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति प्रदान करता है |

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को इसी नवंबर महीने में सेवानिवृत्त होना है इसलिए आज इन दोनों बड़े फैसलों पर निर्णय सुनाये जायेंगे | बेंच ने केरल सरकार, त्रावणकोर देवासम बोर्ड (टीडीबी), नायर सर्विस सोसाइटी व अन्य सभी पक्षों की सुनवाई कर चुका है। राफेल सौदे में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि सौदा राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल से जुड़ा हुआ है | अटॉर्नी जनरल के.के.वेणुगोपाल ने पीठ से कहा था, “हमने एक आईजीए पर हस्ताक्षर किया है | हम उसका पालन करने को मजबूर हैं, राफेल सजावट के लिए नहीं है, यह हम सभी की सुरक्षा के लिए जरूरी है | दुनिया में कहीं भी ऐसे मामले अदालत में नहीं जाते |”

इसके साथ ही अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट से कहा था कि आईजीए के अनुच्छेद 10 के मुताबिक, सौदे में मूल्य को नहीं दिखाया जा सकता | और पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करने पर जोर देते हुए कहा, कि “यह मामला, भारत व फ्रांस के बीच अंतर सरकारी समझौते के गोपनीयता व रक्षा सौदों से जुड़ा है |”