स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्मदिन आज, जानिए उनके बारे में कुछ अहम बातें

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Happy Birthday Lata Mangeshkar: आज शनिवार 28 सितंबर को स्वर कोकिला लता मंगेशकर का  90वां जन्मदिन हैं। लता मंगेशकर के पिता दीनानाथ उन्हें पांच वर्ष की आयु से संगीत सिखाने लगे थे| उनके साथ उनकी बहनें आशा, ऊषा और मीना भी संगीत सीखा करतीं थीं। वहीं अब लता ने अपने जीवन बेसुमार उपलब्धियां हासिल कर ली है। लता मंगेशकर की आवाज़ इतनी प्यारी है, कि पूरी दुनिया उनकी आवाज का दीवाना है|

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वहीं लता मंगेशकर ने एक से बढ़कर एक संगीतकारों के साथ मिलाकर काम किया है| उन्होंने मास्टर गुलाम हैदर, नौशाद, शंकर जय किशन की जोड़ी मदन मोहन की सलील, लक्ष्मीकांत प्यारे लाल और आरडी वर्मन के साथ उन्होंने  बहुत अधिक गाने गाये हैं| 

नौशाद जिनके संगीत पर लता ने ‘मदर इंडिया’, ‘मुगले आजम’ जैसी बहुत सारी फिल्मों में गाने गाए, उन्होंने लता मंगेशकर की तारीफ करते हुए लिखा था –

1.राहों में तेरे नग्मे, महफिल में सदा तेरी,

करती है सभी दुनिया तारीफ लता तेरी,

2.दीवाने तेरे फन के इन्सां तो फिर इन्सां हैं,

हद यह है कि सुनता है आवाज खुदा तेरी,

3.तुझे नग्मों की जां एहले-नज़र यूं ही नहीं कहते,

तेरे गीतों को दिल का हमसफर यूं ही नहीं कहते

4.सुनी सबने मोहब्बत की जबां आवाज में तेरी,

धड़कता है दिल-ए-हिन्दोस्तां आवाज में तेरी! 

बता दें कि, लता के लिए 1977 में फिल्म ‘किनारा’ में एक गाना लिखा गया| जिसे लोग आज भी लता का नाम लेते हुए याद करते है| ‘मेरी आवाज ही पहचान है’| ‘नाम गुम जाएगा’ टाइटल का ये गाना लता के लिए गुलजार ने लिखा| गुलजार उनकी गायिकी की तारीफ में कहते हैं, ”लता की आवाज हमारे देश का एक सांस्कृतिक तथ्य है, जो हम पर हर दिन उजागर होता है| उनकी मधुर आवाज सुने बगैर शाम नहीं ढलती- सिवा की आप बाधिर ना हों |”

एक बार जावेद अख्तर से जब पूछा गया कि, हिंदी सिनेमा में ऐसा कौन सा सिंगर है, जो उनके गाने को बेहतर ढंग से नुमाया कर पाता है? तो उन्होंने लता मंगेशकर का नाम  लेते हुए एक उदाहरण दिया, जिसमें बताया था कि, ”माटी रे माटी’ गाने को उन्होंने जिस तरह से गाया उसे सुनकर आप उनकी थकान को महसूस करत सकते हैं, वाकई ऐसा लगता है कि ये शख्स ज़िंदगी से आजिज आ चुका है|” उन्होंने ये भी कहा था, ”हमारे पास एक चांद है, एक सूरज है और एक लता मंगेश्कर हैं|”

लता मंगेशकर से जुडी कुछ ख़ास बाते

1.लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को इंदौर के मराठी परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम पंडित दीनदयाल मंगेशकर था जो एक रंगमंच के कलाकार और गायक थे, संगीत इन्हें विरासत में मिला था|

2.लता मंगेशकर का बचपन में हेमा नाम था। बड़े होने पर उनके पिता ने उनका नाम बदलकर लता रख दिया था| बताया जाता है कि, उन्होंने अपने थिएटर के एक पात्र ‘लतिका’ के नाम पर ये नाम रखा था।”

3.लता मंगेशकर को 1969 में पद्मभूषण, 1989 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, 1999 में पद्म विभूषण और साल 2001 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। लता मंगेशकर ने 20 भाषाओं के 30,000 गानों में अपनी आवाज दी है|

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