उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों ने आखिरी 25 दिनों में खर्च किये 15 करोड़ से ज्यादा रुपये, अब होगी जांच

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25 दिसम्बर से उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। आखिरी 25 दिनों में उत्तर प्रदेश के प्रधानों ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में सबसे अधिक रूपये विकास निधि के तहत खर्च किये है। जिले के लगभग 93 ग्राम पंचायतों में 10 लाख से ज्यादा का भुगतान हुआ है। अब भुगतान की जांच करने में पंचायतीराज विभाग लग गई है।

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आपको बता दें कि विकास कार्यों को कराने से पहले उनमें लगने वाले खर्च की संस्तुति लेनी होती है, फिर अनुमोदन के पश्चात ही पैसा को निकाला जाना चाहिए। लेकिन ग्राम प्रधानों ने कार्यकाल खत्म होने से पहले अपने मनमाने ढंग से ग्राम पंचायतों के खाते से रूपये को खर्च किये हैं। 10 लाख से अधिक राशि निकालने वाली लगभग 93 ग्राम पंचायतों की सूची तैयार की गई है, जिसकी जानकारी उपनिदेशक पंचायत अभय कुमार शाही ने दी है। इन सभी ग्राम पंचायतों से नोटिस के जरिये जवाब मांगा जाएगा। इस मामले की जांच करके रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। उनके निर्देशानुसार ही कार्रवाई की जाएगी।

घाटमपुर ब्लॉक के 22 ग्राम पंचायतों में हो गया अधिक भुगतान

घाटमपुर ब्लॉक के 22 ग्राम पंचायतों में लगभग 3.35 करोड़ से अधिक धनराशि का भुगतान हो गया है। इसके अतिरिक्त भीतरगांव की 9 ग्राम पंचायतों से लगभग 1.19 करोड़, बिल्हौर की दस पंचायतों से 1.61 लाख, चौबेपुर में 9 ग्राम पंचायतों से लगभग 1.74 करोड़ का भुगतान हो गया है और ककवन की पांच ग्राम पंचायतों से लगभग 62 लाख, कल्याणपुर की आठ ग्राम पंचायतों से 2 करोड़, सरसौल की छह ग्राम पंचायतों से लगभग एक करोड़, पतारा की दसग्राम पंचायतों से लगभग 1.66 करोड़, शिवराजपुर की तीन ग्राम पंचायतों से 42 लाख और बिधनू की 12 ग्राम पंचायतों से लगभग 2.18 करोड़ का भुगतान हो गया है। जिनकी जांच हो रही है।

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