पापांकुशा एकादशी का क्या है, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Papankusha Ekadashi 2019: नवरात्रि के पूरे नौ दिनों के समापन के बाद आज सभी  लोग पापांकुशा एकादशी मना रहें हैं| इस एकादशी का व्रत भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है| चन्द्रमा की स्थिति के कारण व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक स्थिति खराब और अच्छी बनी रहती है| ऐसी दशा में जो लोग एकादशी व्रत रखते हैं उनके ऊपर से  चन्द्रमा के हर खराब प्रभाव  टल जाते है| इसके साथ ही इस व्रत को करने से अशुभ संस्कार भी नष्ट हो जाते है| 

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पापांकुशा एकादशी पर ऐसे की जाती है पूजा 

1.आज के व्रत में  प्रातः काल या सायं काल श्री हरि के पद्मनाभ स्वरुप का पूजन किया जाता है|

 2.इस दिन पूजा करते समय मस्तक पर सफेद चन्दन या गोपी चन्दन लगाने विधान है| 

3. इनको पंचामृत, पुष्प और ऋतु फल चढ़ाया जाता है|

4.इसके अलावा  एक वेला उपवास रखकर, एक वेला पूर्ण सात्विक आहार ग्रहण किया जाता है|

5.शाम को आहार ग्रहण करने के पहले उपासना और आरती की जाती है|

6.आज के दिन ऋतुफल और अन्न का दान करना शुभ माना जाता है|

पापांकुशा एकादशी का महत्त्व 

1.वैसे तो हर एकादशी का विशेष महत्व होता है|

2.परन्तु पापांकुशा एकादशी स्वयं के साथ साथ दूसरों की मनोकामएं पूरी करता है|

3.इस एकादशी पर भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरुप की पूजा की जाती है|

4.इस एकादशी का व्रत करने वाले व्यक्त्वि को अपना मन साफ रखना चाहिए|  

5.इस व्रत को व्यक्ति के पापों का प्रायश्चित हो जाता है| 

विशेष जानकारी 

1.एकादशी के दिन चावल और भारी खाद्य  पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए|

2.एकादशी में  रात्रि के समय पूजा उपासना का  करना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है|

3.इस दिन लोगों को क्रोध बिलकुल भी नहीं करना चाहिए और कम बोलना चाहिए| अपने आचरण पर नियंत्रण रखना चाहिए|

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