‘वियना संधि’ के तहत भारत ने ICJ में उठाया था कुलभूषण जाधव का मुद्दा

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भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव का यह मामला 3 मार्च 2016 का है, जब पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने कुलभूषण जाधव को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार कर लिया था| पाकिस्तान का कहना है, कि कुलभूषण ईरान से पाकिस्तान में घुसे थे, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के इन सारे दावों को खारिज कर दिया| पाकिस्तान का आरोप है, कि कुलभूषण जाधव भारत के जासूस हैं और उन्होंने पाकिस्तान में जासूसी की थी और आंतकवाद फैलाया था| पाकिस्तानी अदालत के इस फैसले को भारत ने 10 मई 2017 को अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में चुनौती दी| आईसीजे की 10 सदस्यीय खंड पीठ ने 18 मई 2017 को अपने फैसले में पाकिस्तान को मामले में निर्णय आने तक जाधव को सजा न देने को कहा था|

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‘वियना संधि‘ क्या है

आजाद और संप्रभु देशों के बीच आपसी राजनयिक संबंधो को लेकर सबसे पहले 1961 में वियना कन्वेंशन हुआ था। जिसके अंतर्गत एक ऐसे अन्तराष्ट्रीय संधि का प्रावधान किया गया, जिसमें राजनयिकों को विशेष अधिकार दिये गये। इसके दो साल बाद 1963 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसी संधि से मिलती जुलती एक और संधि का प्रावधान किया। इस संधि को ‘वियना कन्वेंशन ऑन कांसुलर रिलेशंस’ के नाम से जाना जाता है। इस संधि का ड्राफ्ट इंटरनेशनल लॉ कमीशन ने तैयार किया था और 1964 में यह संधि लागू हुआ। वियना संधि के मुताबिक़ राजनयिकों को गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता है, और न ही उन्हें किसी तरह की हिरासत में रखा जा सकता है।

इस संधि के आर्टिकल 36 के अनुसार यदि कोई देश किसी विदेशी नागरिक को गिरफ्तार करता है, तो इसकी सूचना संबंधित देश के दूतावास को तुरंत देनी पड़ेगी। गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिक के आग्रह पर पुलिस को संबंधित दूतावास या राजनयिक को फैक्स करके इसकी सूचना भी देनी पड़ेगी। इस फैक्स में पुलिस को गिरफ्तार व्यक्ति का नाम, गिरफ्तारी की जगह और गिरफ्तारी का  कारण भी स्पष्ट करना होगा ।

वियना संधि की प्रमुख बातें

1.वियना संधि एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसमे अब तक लगभग 191 देशों ने अपनी सहमति से हस्ताक्षर किए हैं।

2.वियना संधि में कुल 54 आर्टिकल (अनुच्छेद) हैं।

3. 1961 में वियना कन्वेंशन हुआ था, जिसमे इस अंतराष्ट्रीय संधि का प्रावधान किया गया।

4. इस संधि के तहत दूसरे देशों में जाकर कार्य कर रहे राजनयिकों को विशेष अधिकार दिया गया।

5. इसके 2 वर्ष उपरांत संयुक्त राष्ट्र संघ ने ‘वियना कन्वेंशन ऑन कंसुलर रिलेशन्स’ के नाम से नए संधि का प्रावधान किया, जिसमें अब तक 179 देशों की सहमति बनी है और 79 अनुच्छेद हैं।

6. भारत द्वारा इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में इसी नए संधि के आधार पर जाधव का मामला उठाया गया है।

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