भारत में राजनीतिक दलों को मान्यता कौन देता है | इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया | स्टेट इलेक्शन कमीशन इन हिंदी

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भारत में चुनाव लड़ने के लिए राजनीतिक दलों को पंजीकरण निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है |  चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के आधार पर उनको राष्ट्रीय या प्रदेश स्तरीय राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्रदान की जाती है|

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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जिन राजनीतिक दलों को मान्यता दी जाती है, उन्हें कुछ विशेष अधिकार और सुविधाएँ भी प्रदान की जाती है, जैसे- पार्टी को चुनाव चिन्ह का आवंटन करना, निर्वाचन सूचियों को प्राप्त करने की सुविधा, चुनाव के कुछ समय पहले उन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर टेलीविज़न अथवा अन्य साधनों से प्रसारित करने की अनुमति प्रदान करता है, ताकि वह अपनी बात को अधिक से अधिक लोगों तक पहंचानें में सक्षम हो सके |

किसी भी संस्था या संघ को औपचारिक रूप से भारतीय निर्वाचन आयोग के पास पंजीकृत करवाने की कोई आवश्यकता नही होती है, यदि कोई संस्था या संघ जो, कि स्वयं को राजनैतिक दल कहता है, और लोक प्रतिनधित्वय अधिनियम, 1951 (राजनैतिक दलों के पंजीकरण के संबंध में) के भाग IV-क के उपबंधों का लाभ प्राप्त करनें हेतु उन्हें अनिवार्य रूप से  भारत निर्वाचन आयोग के साथ पंजीकृत करना होगा |

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राजनीतिक दलों को मान्यता कौन देता है

भारत में बहुदलीय प्रणाली बहु-दलीय पार्टी व्यवस्था है | राष्ट्रीय पार्टियां वह होती हैं, जिसमें चार या उससे अधिक राज्यों में मान्यता प्राप्त हैं, उन्हें यह अधिकार भारत के चुनाव आयोग द्वारा दिया जाता है, जो विभिन्न राज्यों में समय समय पर चुनाव परिणामों की समीक्षा करनें के उपरांत प्राप्त होता है।

किसी राजनीतिक दल (प्रक्रिया इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया) के पंजीकरण हेतु

किसी भी राजनीतिक दल को चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त करने के लिए एक प्रपत्र भरकर भेजना होता है|  निर्वाचन आयोग, निर्वाचन के कार्यों हेतु राजनीतिक दलों को पंजीकृत किया जाता है, और चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के आधार पर उनको राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों के रूप में मान्यता प्रदान की जाती है, परन्तु इसके लिए उन्हें कुछ शर्तो का पालन करना होता है, जो इस प्रकार है –

1.यदि वह विधान सभा अथवा लोक सभा के आम चुनावों में 4 अथवा अधिक राज्यों में वैध मतों का 6% मत प्राप्त कर लेती है, तथा इसके साथ वह किसी राज्य या राज्यों से लोक सभा में 4 सीटें प्राप्त कर लेती है

2.यदि पार्टी लोकसभा में 2% सीटें जीतती है तथा ये सदस्य 3 अलग-अलग राज्यों से चुने जाते हैं

3.यदि कोई दल कम से कम 4 राज्यों में राज्यस्तरीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त हो

राज्यस्तरीय दल (स्टेट इलेक्शन कमीशन) के रूप में मान्यता प्राप्त करने हेतु शर्ते

1.यदि कोई दल राज्य की विधान सभा के आम चुनावों में उस राज्य से हुए कुल वैध मतों का 6% प्राप्त करता है, इसके अतिरिक्त उसने सम्बंधित राज्य में 2 सीटें जीती हों

2. यदि राज्य की लोकसभा के लिए हुए आम चुनाव में उस राज्य से हुए कुल वैध मतों का 6% प्राप्त करता है तथा इसके अतिरिक्त उसने सम्बंधित राज्य में लोक सभा की कम से कम 1सीत जीती हो

3.यदि उस दल ने राज्य की विधान सभा के कुल स्थानों का 3% या 3 सीटें, जो भी अधिक हो पर उसनें प्राप्त की हों

4.यदि प्रत्येक 25 सीटों में से उस दल ने लोकसभा की कम से कम 1 सीट जीती हो या लोकसभा के चुनाव में उस सम्बंधित राज्य में उसे विभाजन से कम से कम इतनी सीटें प्राप्त की हों

5.यदि वह राज्य में लोक सभा के लिए हुए आम चुनाव में अथवा विधान सभा चुनाव में कुल वैध मतों का 8% प्राप्त कर लेता है


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