कोर्ट ने स्वामी चिन्मयानंद और पीड़ित छात्रा की जमानत याचिका की खारिज

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को शाहजहांपुर की जिला अदालत से बड़ा झटका लगा है। छात्रा से यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद स्वामी चिन्मयानंद की जमानत याचिका को शाहजहांपुर की जिला अदालत से खारिज कर दिया गया है। सोमवार को ही जिला अदालत में स्वामी चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा की भी जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। कोर्ट ने छात्रा की भी जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

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जिला सत्र न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया, कि सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में स्वामी चिन्मयानंद की जमानत की अर्जी पर सुनवाई हुई जिसे जिला न्यायाधीश रामबाबू शर्मा ने सुना। इसके अलावा स्वामी चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने की आरोपी पीड़िता छात्रा की भी जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि स्वामी चिन्मयानंद एवं रंगदारी की आरोपी पीड़ित छात्रा दोनों की जमानत याचिका को न्यायालय ने खारिज कर दिया। वहीं स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने बताया, कि वह स्वामी चिन्मयानंद की जमानत याचिका खारिज होने के बाद इस मामले की अपील इलाहाबाद उच्च न्यायालय में करेंगे।

छात्रा के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने बताया, कि स्वामी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर बहस के दौरान शासकीय अधिवक्ता नें  यह तर्क भी प्रस्तुत किया, कि स्वामी चिन्मयानंद जब निर्वस्त्र होकर पीड़िता से मालिश करवाते थे और इस दौरान जब पीड़िता इसका विरोध करती थी, तब उसके साथ बल प्रयोग किया जाता था। त्रिवेदी ने बताया कि ऐसे में जहां पर बल प्रयोग किया जाता है, उस मामले में धारा 376 ही लगाई जाती है, ना कि 376 (सी) लगाई जाती है।

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