नामांकन फार्म (Nomination Form) किसे कहते है ?

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चुनाव में प्रयुक्त प्रपत्रों से सम्बंधित जानकारी (Information Of Forms)

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लोकसभा की कुल 543 सीटों में से विभिन्न राज्यों से अलग-अलग संख्या में प्रतिनिधि चुने जाते हैं। इसी प्रकार अलग-अलग राज्यों की विधानसभाओं के लिए अलग-अलग संख्या में विधायक चुने जाते हैं। नगरीय निकाय चुनावों का प्रबंध राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है, जबकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण में होते हैं, जिनमें वयस्क मताधिकार प्राप्त मतदाता प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से सांसद एवं विधायक चुनते हैं। लोकसभा तथा विधानसभा दोनों का ही कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।

इनके चुनाव के लिए सबसे पहले निर्वाचन आयोग अधिसूचना जारी करता है। अधिसूचना जारी होने के बाद संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के तीन भाग होते हैं- नामांकन, निर्वाचन तथा मतगणना। निर्वाचन की अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन पत्रों को दाखिल करने के लिए सात दिनों का समय मिलता है। उसके बाद एक दिन उनकी जांच पड़ताल के लिए रखा जाता है, इसमें विभिन्न कारणों से नामांकन पत्र रद्द भी हो सकते हैं। तत्पश्चात दो दिन नाम वापसी के लिए दिए जाते है, ताकि जिन्हे चुनाव नहीं लड़ना है, वह आवश्यक विचार विनिमय के बाद अपने नामांकन पत्र वापस ले सकें।

भारत निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों के नामांकन के लिए प्रपत्र प्रदान किए जाते हैं।  जो संबंधित चुनावों के उम्मीदवारों के नामांकन के लिए भरे जाने आवश्यक हैं।

प्रपत्र- 2A लोकसभा में चुनाव लड़ने के लिए नामांकन फार्म
फॉर्म- 2 बी राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन फॉर्म
फॉर्म -2 सी विधानसभा में चुनाव लड़ने के लिए
फॉर्म -2 डी विधान परिषद में चुनाव लड़ने के लिए

चुनाव एजेंट और काउंसिल एजेंट के नामांकन और उम्मीदवारी को वापस लेने के लिए प्रपत्र

प्रपत्र -5 उम्मीदवारी की वापसी की सूचना
प्रपत्र- 8 चुनाव एजेंट की नियुक्ति
फॉर्म -18 काउंसिल एजेंट की नियुक्ति

राज्यसभा के चुनाव के लिए किसी भी राजनीतिक दल द्वारा अधिकृत एजेंट की नियुक्ति का एक और रूप भी है। फॉर्म 22A उम्मीदवार द्वारा भरा जाता है जो किसी भी राजनीतिक दल द्वारा अधिकृत होने के लिए कहता है।

फॉर्म ए (Form A)-

यदि उम्मीदवार कहता है, कि उसे एक विशेष राजनीतिक पार्टी द्वारा रखा गया है, तो उसे दो अतिरिक्त फॉर्म भरने होंगे जो पार्टी से उसकी सिफारिश की पुष्टि करता है। फॉर्म पर पार्टी के अध्यक्ष या सचिव के हस्ताक्षर होने चाहिए और पार्टी की मुहर लगी होनी चाहिए ।

फॉर्म बी
(Form B)

फॉर्म बी को मुख्य रूप से बी-फॉर्म के रूप में जाना जाता है, उस पार्टी के अधिकृत व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित होता है, जो उस राजनीतिक पार्टी द्वारा चुने गए उम्मीदवार के नाम को दर्शाता है। भरे गए फॉर्म को एक विशिष्ट प्रारूप में प्रदान किया जाना, प्रपत्र में अनुमोदित उम्मीदवार के नामांकन को अस्वीकार कर दिए जाने पर विकल्प का नाम देने का भी प्रावधान है।

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