गठबंधन की मजबूत गांठ बंध गई है उत्तर प्रदेश में : जाने पूरी खबर

उत्तरप्रदेश में गठबंधन की गांठ इतनी मजबूत हो गई है। कि इसकी खुलने की कोई उम्मीद नहीं नजर आ रही है अभी तक कांग्रेस बीएसपी और एसपी के बीच गठबंधन चल रहा हैं लेकिन कांग्रेस तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अपनी जीत हासिल करने के बाद से गठबन्धन से दूर भाग रहे है | एसपी के प्रमुख नेता अखिलेश यादव और बीएसपी की प्रमुख मायावती इन दोनों पार्टियों ने लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ने का ऐलान पहले ही कर दिया था | अब मुद्दा यह उठता है कि इसमें कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी साथ देंगे या फिर अकेले ही चुनाव लड़ने की तैयारी करेंगे |

मायावती के जन्मदिन पर क्या होगा कोई फैसला ?

बीएसपी प्रमुख मायावती का जन्मदिन 15 जनवरी को मनाया जाएगा | अभी ऐसी कोई खबर नहीं है कि वह अपने जन्मदिन पर भी गठबंधन को लेकर कोई बड़ा ऐलान करेंगी | पार्टी के सदस्यों का कहना है कि हर साल की तरह वह अपना जन्मदिन इस बार भी जन कल्याणकारी दिवस के तौर पर मनाएंगी। मायावती के पार्टी के नेताओं ने बताया है कि वह सभी प्रमुख नेताओं के रुख को जानने के बाद ही गठबंधन को लेकर फैसला लेंगी।

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस तीनों राज्यों में अपनी दर्ज करने के बाद से ही दोनों पार्टियों से दूर रहकर अलग रणनीति बनाने के विचार में हैं हालाँकि अभी यह बात खुलकर सामने नहीं आई है | इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि ये तीनों पार्टियाँ अभी गठबंधन से दूर नहीं होना चाहती है | राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने बताया है कि कांग्रेस रहित गठबंधन पर अभी पार्टी ने कोई फैसला नहीं किया है।

कांग्रेस के इरादों को समझने की कोशिश

बीएसपी प्रमुख मायावती काफी लम्बे समय से दिल्ली में रुकी हुई हैं यहाँ तक कि वे 5 राज्यों के विधान सभा चुनाव के दौरान भी राज्यों में उपस्थित न होकर दिल्ली में ही टिकी रहीं । जानकारी यह कि वह अब पार्टी संगठन की बैठकें करने के लिए जनवरी के शुरूवात में ही लखनऊ आयेंगी । इसके आलावा, गठबंधन को लेकर जमीनी स्तर पर समीकरणों की छानबीन करेंगी | सूत्रों के मुताबिक, वह कांग्रेस के नेताओं के इरादों को भी भांप रही है ताकि चुनाव पास आने तक कांग्रेस के इरादों के बारे में मालूम हो जाये | इसके बाद परिस्थियों के मुताबिक मायावती फैसला करेंगी | एसपी को भी मायावती के फैसले का इन्ताजार है |