प्रतापगढ़ लोकसभा चुनाव क्यों हो गया है दिलचस्प, किस पार्टी की दिख रही है यहाँ मजबूत पकड़

भारत को आजादी मिलने के बाद से प्रतापगढ़ लोकसभा सीट पर लगभग 15 बार लोकसभा सभा चुनाव हो चुके है| यहाँ पर 15 बार में से 9 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, जबकि एक बार सपा और एक ही बार बीजेपी ने जीत दर्ज की थी| इसके अतिरिक्त अपना दल, जनसंघ और जनता दल ने भी एक-एक बार जीत दर्ज की है|

नोट: प्रतापगढ़लोकसभा चुनाव छठे चरण के अंतर्गत 12 मई को आयोजित किये जायेंगे|

ये भी पढ़ें: बरेली लोकसभा सीट क्या है चुनावी माहौल, क्या रहा अब तक इतिहास

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ की जनसंख्या करीब 23 लाख है, इसमें 94.18 फीसदी ग्रामीण जनसंख्या औैर 5.82 फीसदी शहरी जनसंख्या है| यहाँ पर कुल मतदाता 1682147 है, जिनके लिए 1829  मतदान केंद्र की व्यवस्था की गयी है| यहाँ पर 19.9  फीसदी अनुसूचित जाति की जनसंख्या है, जबकि अनुसूचित जनजाति की आबादी 0.03 फीसदी है| यहां पर राजपूत और कुर्मी मतदाताओं के साथ-साथ ब्राह्मण मतदाता काफी निर्णायक भूमिका निभाते है | मुस्लिम आबादी 14 प्रतिशत है|

2014 का परिणाम

लोकसभा चुनाव 2014 में प्रतापगढ़ लोकसभा में 52.12 फीसदी मतदान हुआ था इस सीट पर कुंवर हरिबंश सिंह जोकि अपना दल के प्रत्याशी थे को जीत मिली थी| इन्होने बसपा के आसिफ निजामुद्दीन सिद्दीकी को एक लाख 68 हजार 222  वोटों से हराया था|

1.अपना दल के कुंवर हरिबंश सिंह  को 3,75,789 वोट मिले थे

2.बसपा के सिफ निजामुद्दीन सिद्दीकी को 3,09,858 वोट मिले थे

3.कांग्रेस की राजकुमारी रत्ना सिंह को 1,38,620  वोट मिले थे

4.सपा के प्रमोद कुमार पटेल को 1,20,107 वोट मिले थे

ये भी पढ़ें: बागपत लोकसभा सीट में क्या है जातीय समीकरण

ये भी पढ़ें: विवेक ओबराय ने अब राहुल गांधी से क्या पूछा