ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग को लेकर रेल मंत्रालय करने जा रहा ये बड़े बदलाव, जानिए यहाँ से

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अब ट्रेन से यात्रा करने के लिए यात्रियों को कुछ और भी पैसे खर्च करने पड़ेंगे| बता दें कि, ट्रेन से सफल करने वाले यात्रियों को अब ऑनलाइन रिजर्वेशन कराने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने रहेंगे, क्योंकि अब डिजिटल ट्रांजैक्शन को आगे बढ़ाने के लिए पहले ई-टिकटों पर जो सर्विस चार्ज खत्म कर दिया था, वह अब फिर से लिया जायेगा|

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बता दें, इससे पहले यात्रियों को स्लीपर क्लास के टिकट पर 20 रुपये और एसी बोगी में सीट के लिए 40 रुपये का सर्विस चार्ज देना रहता था। वहीं 3 अगस्त को जारी किये गए रेलवे मंत्रालय के लेटर के मुताबिक, मंत्रालय ने संचालन लागत दोबारा वसूलने का फैसला किया है, जिसमें मार्केटिंग और बिक्री सेवाएं शामिल हैं|

जानकारी देते हुए बता दें कि, मोदी स्कार में ही नोटबंदी के ऐलान से पहले  नवंबर 2016 तक ई-टिकटों पर सर्विस चार्ज यात्रियों को देना पड़ता था। वहीं आईआरसीटीसी सर्विस चार्ज के माध्यम से इकठ्ठा रकम का इस्तेमाल ई-टिकटिंग सिस्टम के लिए करती थी। सूत्रों ने बताया कि, वित्त मंत्रालय ने रेलवे मंत्रालय को सर्विस चार्ज न वसूलने की सलाह दी थी|

शुरुआत में दिए निर्देशों के मुताबिक, सर्विस चार्ज न वसूले जाने की व्यवस्था जून 2017 तक रहनी थी, लेकिन बाद में कई बार इसकी समय सीमा बढ़ाई गई और अब तक पुरानी व्यवस्था को बहाल नहीं किया गया है । सर्विस चार्ज लगाए जाने के लिए वित्त मंत्रालय लेटर लिखने वाले रेलवे बोर्ड के जॉइंट डायरेक्टर ट्रैफिक कमर्शल(जनरल) बीएस किरन ने कहा है। सूत्रों का कहना है कि, ममाला पर IRCTC के डायरेक्टर्स चर्चा करेंगे और सर्विस चार्ज की दर तय की जाएगी।’ वहीं उम्मीद है कि, ई-टिकटों पर सर्विस चार्ज उसी दर से वसूला जाएगा, जैसा पहले किया जाता था।’

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