पतंजलि की परफॉरमेंस में गिरावट, किन वजहों से लगा कम्पनी को झटका

योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद की कपंनी घाटे में पहुंच गई है | अभी तक जहाँ लोग बाबा रामदेव के प्रॉडक्टस इस्तेमाल करते रहें हैं | पतंजलि को टक्कर देने के लिए  मल्टीनैशनल कंपनियों ने बड़े पैमाने पर नैचरल और हर्बल प्रॉडक्ट्स जारी कर दिए हैं | इसके साथ-साथ पतंजलि गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स लागू होने पर कम्पनी डिस्ट्रीब्यूशन के मोर्चे पर अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिससे कम्पनी की परफार्मेंस में काफी गिरावट हुई | आइए आगे जानते है, पतंजलि की परफार्मेंस में गिरावट के और अन्य कारण क्या है ?

सर्च प्लैटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त फाइनैंशल डेटा के अनुसार , पंतजलि को वर्ष 2013 से लेकर 2016 तक अच्छा लाभ प्राप्त हो रहा था, लेकिन फिस्कल इयर 2017-18 में पतंजलि की आमदनी में 10% की गिरावट दर्ज की गयी, जिसके कारण कम्पनी का लाभांश 8,135 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इससे पहले कम्पनी की आमदनी 9,030 करोड़ रुपये थी। केयर रेटिंग्स के प्रविजनल डेटा के अनुसार , फिस्कल इयर 2017-18 में कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग  50% गिरकर 529 करोड़ रुपया लाभांश प्राप्त हुआ | पतंजलि से फाइनैंशल डीटेल्स के बारें में पूछा गया, परन्तु कम्पनी की तरफ से किसी प्रकार की जानकारी साझा नहीं की गयी |

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘पतंजलि की परफॉरमेंस में गिरावट का मुख्य कारण यह है, कि कम्पनी अपने को जीएसटी सिस्टम के अनुरूप ठोस इन्फ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई को कबर नहीं कर पाई तथा एक्सपैंशन लागू होने के कारण अन्य खर्च, सेलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंस चलते कंपनी का PBILDT मार्जिन FY17 के 18.73% से घटकर 11.98% हो गया |जिसके कारण इसकी परफॉरमेंस गिरती ही चली गई |