कांग्रेस पर अखिलेश भड़के – जाने क्या है वजह

कांग्रेस ने जब से तीनों राज्यों में अपनी सरकार बना ली है तब से कांग्रेस का रुख सपा और बसपा के लिए बदलता हुआ नजर आ रहा है| मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने सपा विधायक को मंत्री का पद नहीं दिया जिसके कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कांग्रेस से नाराजगी जताते हुए मीडिया से वार्तालाप में बताया कि मध्य प्रदेश में मैंने कांग्रेस का पूरा समर्थन किया है, इसके बावजूद भी हमारे विधायक को कांग्रेस ने मंत्री का पद नहीं दिया है|

इसके बाद बताया कि कांग्रेस ने जो किया है अच्छा ही किया है इससे लोकसभा चुनाव के लिए हमारा रास्ता साफ हो गया है। अखिलेश के इस तरह के बयानों से साफ समझ में रहा है कि सपा और बसपा कांग्रेस को गठबंधन से बाहर कर देगी और ये दोनों पार्टियाँ मिलकर आगे के चुनाव लड़ेंगी |

इसके पहले भी मायावती के रुख से अनुमान लगाया जा रहा था कि कांग्रेस गठबंधन से बाहर रहेगी| विधानसभा चुनावों में तीनों राज्यों से कांग्रेस को 214 सीटे, बसपा को 2 और सपा को 1 ही सीट हासिल हुई थी |

मायावती ने ऐलान कर कहा था कि हम एमपी में भाजपा सरकार नहीं आने देने के लिए लिए बिना शर्त कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं। ये शब्द उनके अहंकार से भरे हुए थे| यह नजारा देखते हुए साफ हो गया है कि यूपी में अब केवल सपा-बसपा का ही गठबंधन रहेगा| अब कांग्रेस चुनाव का रास्ता अकेले ही तय करेगी|