अयोध्या मामला : मध्यस्थता के पैनलिस्ट जस्टिस एफ. एम. कलीफुल्ला, श्री श्री रविशंकर और श्रीराम पांचू कौन हैं – जानिए

0
113

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर केस का समाधान मध्यस्थता से हल करनें को कहा है| अयोध्या प्रकरण से सम्बंधित दोनों पक्षों को बातचीत से केस का समाधान करने के लिए कुल तीन सदस्यों का पैनल गठित किया गया है| जिनमें एक मध्यस्थ सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एफ. एम. कलीफुल्ला हैं, दूसरे वकील श्रीराम पंचू और तीसरे मध्यस्थ आध्यात्मिक गुरु श्री-श्री रविशंकर हैं| सुप्रीम कोर्ट ने इस पैनल की अध्यक्षता जस्टिस कलीफुल्ला को दी है | सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है, कि मध्यस्थता की पूरी कार्यवाही बंद कमरे में होगी तथा इस मध्यस्थता की कार्रवाई पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी अर्थात मीडिया रिपोर्टिंग नहीं की जाएगी|  

Advertisement

ये भी पढ़े: सुप्रीम कोर्ट द्वारा श्री श्री रविशंकर को मध्यस्थ बनाए जाने पर ओवैसी ने जताई आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त तीनों मध्यस्थों का विवरण

1.जस्टिस एफ. एम. कलीफुल्ला

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एफ. एम. कलीफुल्ला मूल रूप से तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में कराईकुडी के रहने वाले है | इनका जन्म 23 जुलाई 1951 को हुआ था। जस्टिस कलीफुल्ला का पूरा नाम फाकिर मुहम्मद इब्राहिम कलीफुल्ला है। इन्होनें 20 अगस्त 1975 से बतौर वकील प्रैक्टिस आरंभ की थी | एक वकील के रूप में अपनें करियर की शुरूआत करने वाले कलीफुल्ला ने काफी लंबे समय तक वकालत की। वर्ष 2000 में उन्हें मद्रास हाइकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद उन्हें फरवरी 2011 में उन्हें जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया और सितंबर 2011 में वह  जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने। वर्ष 2012 में इन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया और 22 जुलाई 2016 में सेवानिवृत्त हो गये |

2.श्री श्री रविशंकर

श्री श्री रविशंकर एक आध्यात्मिक धर्मगुरु है, जिनके पूरे विश्व में करोड़ों भक्त हैं| श्री श्री रविशंकर का जन्म 13 मई 1956 को तमिलनाडु में हुआ था | इन्होनें बचपन से ही ध्यान करना आरंभ कर दिया था। श्री श्री रविशंकर वैदिक साहित्य और भौतिक से पढाई की है। श्री श्री रविशंकर जी ऑर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक हैं | सुदर्शन क्रिया ऑर्ट ऑफ लिविंग कोर्स का आधार है | उनकी इस संस्था की दुनिया के 151 देशों में ब्रांच हैं। सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले श्री श्री रविशंकर ने इससे पहले भी अयोध्या विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थता का प्रयास कर चुके है, इसके अतिरिक्त वह कश्मीर में शांति के लिए भी व्यक्तिगत रूप से पहल कर चुके हैं। 

3.श्रीराम पांचू

अयोध्या प्रकरण पर गठित मध्यस्थता समिति में श्रीराम पांचू भी शामिल हैं। श्रीराम पांचू चेन्नई के रहने वाले हैं | वह मद्रास हाई कोर्ट के वकील होने के साथ मशहूर मध्यस्थ अर्थात मीडिएटर भी हैं|  श्रीराम पांचू वरिष्ठ वकील के रूप में पिछले 40 वर्षों से वकालत कर रहे हैं। वह मिडिएशन चैंबर्स के संस्थापक हैं। श्रीराम पांचू मध्यस्थता के माध्यम से केस सुलझाने में माहिर माने जाते हैं। श्रीराम पांचू एसोसिएशन ऑफ इंडियन मीडिएटर्स के अध्यक्ष हैं। वह बोर्ड ऑफ इंटरनेशनल मीडिएशन इंस्टीट्यूट के बोर्ड में भी शामिल रहे हैं। श्रीराम पांचू जी नें देश के कई जटिल और वीवीआईपी मामलों में भी मध्यस्थता कर चुके हैं।

ये भी पढ़े: सुप्रीम कोर्ट का आया अयोध्या मामले पर बड़ा फैसला

Advertisement