गंगा-यमुना का रौद्र रूप देख लोग दहशत में, निचले इलाको में बने मकानों घुसा बाढ़ का पानी

प्रयागराज में गंगा-यमुना का ऐसा रौद्र रूप  देखने को मिल रहा है, इसे देखकर लोग दहशत में आ गए हैं| इन दोनों नदियों में आई बाढ़ की वजह से निचले इलाको में बने सैकड़ों मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है| लोग इस बाढ़ के पानी से अपने को बचाने के लिए अपना आशियाना छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं, और वहीं कुछ लोग अपनी छतों पर ही डेरा बना कर रह रहें है| अब प्रयागराज के लोगों को सुरक्षित बचाने के लिए वहां एनडीआरएफ भी पहुंच गई हैं|

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जानकारी देते हुए बता दें कि, प्रयागराज के बघाड़ा इलाके में दो दर्जन से भी अधिक मकानों में बाढ़ का पानी पूरी तरह से भर गया है| अब लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहें है| वहीं लोग इस बाढ़ से काफी दहशत में नजर आ रहें है| अभी भी हर घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होती ही जा रही है|  

कुछ लोगों का आरोप है कि, अभी तक किसी भी तरह की सरकारी मदद इन तक नहीं पहुंची है, ना तो बिजलीं काटी गई है ना किसी तरह की मदद प्रशासन कर रहा है| जिस तरह लगातार दोनों नदियों के पानी में बढ़त हो रही है, वही पानी बढ़ने से ऊंचे स्थानों ओर रहने वाले भी घबराए हुए हैं, कि कहीं बाढ़ से उनके मकानों तक पानी न पहुंच जाए|”

अब प्रयागराज में एनडीआरएफ की टीम राहत और बचाव में पूरी तरह से जुट गई है| इस बाढ़ से परेशान होकर अब तक 106 परिवार अपने घर से बेघर हो गए हैं| 106 परिवारों के 600 लोगों ने अपने बचाव के लिए पांच बाढ़ शिविरों में शरण ली है| जिला प्रशासन ने लोगों के खाने पीने का भी इंतजाम कर दिया है| बता दें कि, जिला प्रशासन ने कुल 31 बाढ़ शिविरों में प्रभावितों के रहने की व्यवस्था कर दी है| डीएम ने बाढ़ शिविर बनाए गए स्कूलों में तीन दिन का अवकाश करने का भी ऐलान कर दिया है| 

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