वोटों की गिनती करने की क्या प्रक्रिया है | मतगणना के नियम क्या हैं – यहाँ जानिए विस्तार से

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चुनाव समाप्त होने के बाद वोटों की गिनती की जाती है, जिस प्रत्याशी को अधिक वोट मिलते है, उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है| वोटों की गिनती के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा तय स्थान पर 14 काउंटिंग टेबल बनायीं जाती है| एक बार में केवल 14 EVM की गिनती की जाती है| प्रत्येक प्रत्याशी अपनी पार्टी की ओर से गिनती की निगरानी और देखभाल के लिए काउंटिंग एजेंट नियुक्त रहता है|

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वोटों की गिनती करने करने की प्रक्रिया (Vote Counting Process)

1.निर्वाचन आयोग के नियमानुसार प्रत्याशी और उनके एजेंटों की उपस्थिति में निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर की देखरेख में मतों की गिनती करायी जाती है,एक राउंड में 14 काउंटिंग टेबल पर गिनती करायी जाती है

2.वोटों की गिनती के स्थान पर केवल रिटर्निंग ऑफिसर, अपने संबंधित चुनाव एजेंटों के साथ उम्मीदवार, काउंटिंग एजेंट, ड्यूटी पर सरकारी कर्मचारी और अधिकृत चुनाव आयोग के एजेंटों को ही जाने दिया जाता है

3.वोटों की गिनती शुरू होने से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की जांच काउंटिंग स्टाफ और एजेंटों द्वारा की जाती है,यदि कोई कमी नजर में आती है, तो उस पर तुरंत कार्यवाही की जाती है

4.वोटों की गिनती में सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होती है| इन सबकी गिनती समाप्त होने के बाद 30 मिनट बाद ईवीएम वोटों की गिनती शुरू की जाती है| प्रत्येक राउंड के बाद रिटर्निंग ऑफिसर (RO) दो मिनट के लिए रुकता है| इस समय उम्मीदवार या चुनाव एजेंट री-काउंट के लिए कह सकता है| उम्मीदवार या चुनाव एजेंट द्वारा किये गए अनुरोध पर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) निर्णय लेता है, कि री-काउंट कराया जाये या फिर नहीं

5.सभी प्रकार के विरोधों को दूर करने के बाद आरओ परिणाम घोषित करने के लिए पर्यवेक्षकों की स्वीकृति मांगता है, स्वीकृति मिलने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर चुनाव आयोग और उचित प्राधिकारी को परिणाम के विषय में जानकारी देता है

6.मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होती है यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक मतों की गणना समाप्त नहीं हो जाती है

मतगणना के नियम (Rules Of Counting)

1.मतगणना हॉल के अंदर मोबाइल फोन ले जाना मना होता है

2.प्रत्येक काउंटिंग टेबल पर एक माइक्रो पर्यवेक्षक को नियुक्त किया जाता है, यह सामान्य पर्यवेक्षकों के अतिरिक्त होता है

3.मतगणना स्थल को तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाती है, जिससे किसी भी घटना को रोका जा सके

4.मतगणना स्थल के अंदर केंद्रीय बलों को तैनाती की जाती है

5.मतगणना स्थल के बाहरी चक्र में स्थानीय पुलिस की तैनाती की जाती है

6.बिना आज्ञा के यदि कोई व्यक्ति प्रवेश करने का प्रयास करता है, तो उसको रोकने के लिए केंद्रों के आस-पास अन्य राज्यों के बल तैनात किए गए जाते है

7.वोटों की गिनती के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए एक वरिष्ठ मजिस्ट्रेट को तैनात किया जाता है

8.मतगणना स्थल के 100 मीटर की दूरी तक किसी भी वाहन को आने की अनुमति नहीं दी जाती है

9.स्ट्रॉन्ग रूम से काउंटिंग बूथ तक ईवीएम को बेहद सुरक्षित ढंग से पहुंचाया जाता है

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