2019 चुनाव, लोकसभा चुनाव 2019 में कौन जीतेगा – एक विश्लेषण

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जल्द ही भारत में लोकसभा चुनाव 2019 की अधिसूचना जारी होने वाली है, अधिसूचना जारी होते ही अचार संहिता लग जाएगी और सम्पूर्ण प्रशासन चुनाव आयोग के अधीन हो जायेगा | प्रत्येक राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने में लगा हुआ है, जगह- जगह पार्टी के नेता रैली कर के जनता का ध्यान आकर्षित करने में लगे हुए है, सभी राजनीतिक पार्टियां अपने गिले- शिकवे भुला कर एक दूसरे के गले लग रही है, अब बात आती है, कि मतदाता क्या चाहता है, यहाँ हम इस पेज पर लोकसभा चुनाव 2019 में कौन पार्टी सबसे बड़ा दल बन कर जीत दर्ज कर सकती है विषय पर कई अहम बिंदुओं के आधार पर विश्लेषण किया जा रहा है|

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मतदाता क्या चाहता है ?

कई सर्वें रिपोर्ट के आधार पर यह बात सामने आयी है, एक मतदाता को अच्छी शिक्षा, शिक्षा पूरी होने के बाद रोजगार, स्वास्थ्य सुविधा, गरीब परिवार के लिए बुनियादी सुविधाएँ जैसे-बिजली, पानी, सड़क,महिलाओं की सुरक्षा इत्यादि पर सरकार बड़े पैमाने पर कार्य करे और उनका जीवन स्तर सुधर सके |

पूर्व सरकार में

इससे पूर्व देश के अंदर कांग्रेस की सरकार थी उस समय रसोई गैस की कितनी परेशानी होती थी यह आम जनता ही जानती थी | एक गैस सिलेंडर लेने के लिए उसे सुबह पांच बजे उठकर गैस एजेंसी के सामने लाइन लगानी पड़ती थी तब कही दोपहर एक बजे तक गैस सिलेंडर की रशीद मिल पाती थी| वर्तमान सरकार में इस समस्या को जड़ से समाप्त कर दिया गया है|

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कांग्रेस की सरकार में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

कांग्रेस की सरकार में ही मनरेगा योजना को शुरू किया गया था जिससे सभी किसानों को 100 दिन काम की गारंटी मिल सकी है, इससे ग्रामीण क्षेत्र में विकास हुआ है और ग्रामीणों को अपने घर के पास ही रोजगार प्राप्त हुआ है | कांग्रेस की सरकार में ही हमे सूचना का अधिकार प्राप्त हुआ है, जिससे सरकारी कर्मचारी द्वारा की गयी लापरवाही के विरुद्ध आम जनता को एक हथियार दे दिया गया जिससे भ्रष्टाचार में थोड़ा सा सुधार हो सका |

कांग्रेस की सरकार में बहुत से घोटालें भी हुए है जैसे कोयला घोटाला, कॉमन वेल्थ गेम घोटाला,टू जी घोटाला इत्यादि कई घोटालें हुए है, जिसके विषय में समय- समय पर समाचार पत्रों में प्रकाशित होता रहता है |

वर्तमान सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

हाल ही में वर्तमान सरकार ने अपना अंतरिम बजट पेश किया है, जिसमें की कई योजनाओं को शुरू किया गया है, जैसे किसान सम्मान योजना इसके अंतर्गत किसानों को 6000 रूपये वार्षिक प्रदान किये जाते है, ये योजना किसानो के लाभ के लिए शुरू की है किन्तुइससे किसान कितने लाभान्वित होते है, यह भविष्य में ही पता चलेगा, यदि किसान को लाभ मिलेगा तो वह अपना वोट दे सकता है, परन्तु इस समय किसान को रात- रात भर जग कर अपनी फसलों की रक्षा करनी पड़ रही है | जिससे किसान बहुत ही ज्यादा आक्रोशित है, इसका नुकसान वर्तमान सरकार को उठाना पड़ सकता है, इस विषय पर अंतिम निर्णय किसान ही ले सकता है, कि उसे कितना लाभ हुआ है और कितनी हानि हुई है |

राजस्व

वर्तमान सरकार ने कई बड़े कदम उठाये है, जिससे जनता के कुछ वर्ग को लाभ हुआ है और कुछ वर्ग को हानि हुई है, इस बड़े कदम में जीएसटी, नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक है | जीएसटी हमारे देश से पूर्व कई देशों में पहले से लागू है, इससे राजस्व सीधे सरकार के पास पहुंच जाता है और सरकार विकास योजनाओं के लिए बजट का इंतजाम कर सकती है, जीएसटी से ही व्यापारी वर्ग बहुत ही नाराज भीचल रहे है इस बात को भी धयान में रखना होगा | वैसेइससे आय और व्यय का सरकार द्वारा पूरा नियंत्रण किया जा रहा है, इससे मुनाफाखोरी पर भीरोक लगी है| जीएसटी से सरकार को लाभ हुआ या नहीं ये अभी भविष्य के गर्त में है |

नोटबंदी भारत के इतिहास में लिया गया सबसे बड़ा फैसला था | इससे भारत का प्रत्येक नागरिक प्रभावित हुआ है | कुछ लोगों को कम परेशानी हुई तो किसी को अधिक हुई है, जिसके पास कम पैसा था, उन्हें कम परेशानी का सामना करना पड़ा | जिसके पास अधिक था उन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा | जिसके पास दो नंबर की कमाई थी उन्हें नदियों में बहाना पड़ा | नोटबंदी के दौरान कई मरीजों की फीस न जमा होने के कारण मौतें तक हुई है | नोटबंदी से सरकार को फायदा हुआ की नुकसान यह चुनाव परिणाम से ही मालूम हो सकता है | इन सबसे देश को लाभ हुआ यह हानि सरकार द्वारा अभी तक कोई भी आकड़े सार्वजानिक नहीं किये गए है|

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तीन राज्यों में मिली हार

हाल ही में हुए मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भाजपा को तीनों ही राज्यों में हार का सामना करना पड़ा इससे पता चलता है, कि भाजपा की नीतियों से लोग गुस्से में थे, जिससे भाजपा को तीनों राज्यों को खोना पड़ा है | इससे पूर्व भाजपा का विजय रथ भारत के प्रत्येक हिस्से में बढ़ता जा रहा था | इस हार के कारण मोदी सरकार ने अपनी नीतियों में भारी बदलाव किया है, इसी के तहत सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया | अभी तक मोदी की नीतियों का विरोध करने वाले दलों ने इसका समर्थन किया क्योकिं यदि विरोध करते तो उन्हें चुनाव में बहुत तगड़ा झटका लग सकता था और समर्थन करते तो भाजपा को फायदा हो रहा था|उत्तर प्रदेश में ओबीसी को तीन श्रेणी में विभाजित करने का प्रस्ताव किया गया है, परन्तु इसका विरोध भाजपा के ही सहयोगी दल कर रहे है, यह निर्णय भी अधर में लटका हुआ है, जिसका नुकसान भाजपा को आने वाले चुनाव में हो सकता है | कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से ही है|

टिकट का बटवारा

प्रत्येक पार्टी जिताऊ प्रत्याशी को टिकट देना चाहती है, परन्तु वर्षों से जुड़े दिग्गज नेताओं का अगर टिकट कटता है, तो उनके बागी होने की संभावना बढ़ जाती है, अभी जल्दी ही आपको कई नेताओं को एक पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी में जाते हुए दृश्य देखने को मिलेगा| इस समय इनके बयान सुनकर आश्चर्य होता है, कि “अभी तक मै जिस पार्टी में था वह मेरी भूल थी, मैंने अपनी गलती सुधार ली है”| इससे पूर्व शामिल होने वाली पार्टी के विरोध में यह सभी नेता आपत्ति जनक शब्द प्रयोग करते हुए जरा सा भी विचार नहीं करते थे|

आप इन सभी बिंदुओं पर विचार करते हुए अपने मत का प्रयोग करे, जिससे जनता और देश का विकास संभव हो सके| लोकसभा चुनाव 2019 में कौन जीतेगा इसके बारे में जनता की क्या राय है, इसको युग लाइव समय समय पर आपसे संवाद स्थापित करता रहेगा|

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