BS-VI (6) क्या है, जो आज से हो रहा है लागू, जानिए इसके बारे में सब कुछ यहाँ

BS6 और BS4 के बारे में आपके मन में भी अनेक विचार आते होंगे । दूसरों जैसा आप भी विचार कर रहे होंगे कि आपका बीएस4 वीइकल्स बीएस6 फ्यूल से चल पायेगा या नहीं और आपके पास मौजूदा बीएस4 वीइकल्स का क्या होगा। 1 अप्रैल से पूरे देश में BS-VI एमिशन नॉर्म्स लागू हो गया है । इससे वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक एक बहुत अहम कदम है । 1 अप्रैल से पूर्व 31 मार्च तक देश भर में BS-IV एमिशन नॉर्म्स लागू थे । BS6 और BS4 को आप भी लंबे समय इस शब्द को सुन रहे होंगे, परन्तु आपको शायद ही पता हो कि नॉर्म्स क्या हैं और नए नॉर्म्स लागू होने से क्या परिवर्तन होगा । यहां पर आपको BS-VI एमिशन नॉर्म्स से सम्बंधित सभी सवाल के जवाब की जानकारी मिलेगी ।

यस बैंक के ग्राहकों के लिए आ गई ज़बरदस्त खबर

BS क्या होता है?

भारत सरकार मोटर वीइकल्स द्वारा  निकलने वाले प्रदूषकों को नियंत्रित करने के लिए मानक निर्धारित करती है । इसको बीएस, यानी भारत स्टेज कहते हैं । यह मानक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत तय किए जाते हैं ।

प्रमुख प्रदूषक की जानकारी

अब इस बात को समझना आवश्यक है कि मोटर वीइकल्स से किन मुख्य प्रदूषकों का उत्पादन होता है । पेट्रोल-डीजल इंजन मुख्य रूप से कार्बन डाइ ऑक्साइड (CO2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), हाइड्रोकार्बन (HC) और नाइट्रोजन के ऑक्साइड (NOx) का उत्पादन करते हैं । इसके अतिरिक्त पार्टिकुलेट मैटर (PM) या कार्बन सुट डीजल के साथ-साथ डायरेक्ट-इंजेक्शन पेट्रोल इंजन का एक अन्य बाय-प्रॉडक्ट होता है ।

क्या RBI दे रहा है, सस्ते होम लोन का तोहफा

BS4 के बाद सीधे BS6 ही क्यों?

‘India 2000’ नाम के एमिशन नॉर्म्स भारत में पहली बार साल 2000 में लागू किए गए थे । इसके बाद  2005 में BS2 और 2010 में BS3 को लाया गया था । भारत में BS4 एमिशन नॉर्म्स 2017 में लागू किये गए थे । बढ़ते पलूशन स्तर और अधिक समय के गैप को देखते हुए BS5 को छोड़कर सीधे BS6 एमिशन नॉर्म्स लाने का  फैसला किया गया ।

बीएस4 और बीएस6 एमिशन लिमिट में क्या अंतर है?

BS6 एमिशन नॉर्म्स की तुलना में कड़क हैं । बीएस4 की तुलना में इसमें NOx का स्तर पेट्रोल इंजन के लिए 25 प्रतिशत और डीजल इंजन के लिए 68 प्रतिशत कम है । इसके अतिरिक्त डीजल इंजन के HC + NOx की क्षमता 43 प्रतिशत और पीएम स्तर की क्षमता 82 प्रतिशत कम कर दी गई है । इसके  लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बीएस6 कम्प्लायंट इंजन में मॉडर्न टेक्नॉलजी का प्रयोग किया जाता है ।

Honda के टू-व्हीलर बिना डाउनपेमेंट दिए ले जाएं घर

क्या बीएस4 गाड़ियां बीएस6 फ्यूल से चलेंगी?

इस सवाल का जवाब है हां । बीएस4 कम्प्लायंट वीइकल्स बीएस6 फ्यूल से बिना किसी परेशानी के चल सकते हैं, खासकर यदि यह पेट्रोल कार है तो डीजल इंजन के फ्यूल में सल्फर कॉन्टेंट फ्यूल इंजेक्टर के लिए लूब्रिकेंट के तौर पर काम करते हैं । बीएस6 फ्यूल में सल्फर कॉन्टेंट बीएस4 के फ्यूल से पांच गुना कम है । इसको लेकर लूब्रिकेंट की कमी के कारण से अधिक समय बाद फ्यूल इंजेक्टर में कमी हो सकती है ।

क्या बीएस6 गाड़ियां बीएस4 फ्यूल से चलेंगी?

इसमें भी लगभग ऊपर जैसी स्थिति ही है । पेट्रोल इंजन में कोई परेशानी नहीं होगी, क्योंकि इसका फ्यूल कम्पोजिशन बहुत अंतर नहीं है । लेकिन डीजल इंजन के लिए ऐसा नहीं कहा सकते है । जब बीएस6 इंजन बीएस4 फ्यूल पर चलता है, तो यह उत्सर्जन में बढ़ोतरी करेगा, ईंधन इकॉनमी को कम करेगा और फ्यूल डिलिवरी सिस्टम में भी परेशानी उत्पन्न कर सकता है ।

अब बीएस4 गाड़ियों का क्या होगा?

1 अप्रैल से बीएस6 लागू करने के साथ ही बीएस4 वीइकल्स की मैन्युफैक्चरिंग रोक दी जाएगी, यानी अब केवल बीएस6 वीइकल्स बनया जायेगा । इसके साथ ही बीएस4 की बिक्री और इसके रजिस्ट्रेशन पर रोक लग जायेगा ।लेकिन कोरोना वायरस के कहर से देश भर में लॉकडाउन की वजह से उच्चतम न्यायालय ने इसमें राहत दे दिया है ।

बजाज ऑटो ला रहा अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर

दरअसल, लॉकडाउन को लेकर  फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स असोसिएशन (FADA) ने उच्चतम न्यायालय से अपील करते हुए इस डेडलाइन को आगे बढ़ाने की मांग की थी । न्यायालय ने लॉकडाउन समाप्त होने के पश्चात BS4 गाड़ियों की बिक्री करने के लिए 10 दिन की मोहलत दिया है । इसका अर्थ है कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त होने के पश्चात 24 अप्रैल तक कंपनियां बीएस4 वीइकल को बेच सकती हैं ।

हालांकि, न्यायालय ने यह भी बतया है कि बढ़े हुए 10 दिनों में BS4 के पूरे स्टॉक का 10 प्रतिशत ही बिक्री किया जाएगा और दिल्ली-एनसीआर में BS4 वाहनों की बिक्री नहीं कि जाएगी । वहीं, जिनके पास पहले से बीएस4 गाड़ियां हैं, वे सामान्य तरह से  चलती रहेंगी ।

क्या 21 दिनों के बाद और बढ़ेगा लॉकडाउन सवाल पर कैबिनेट सचिव ने क्या कहा?