गाजियाबाद लोकसभा चुनाव का क्या है समीकरण

भारत की राजधानी से जुड़ा हुआ गाजियाबाद है, गाजियाबाद लोकसभा सीट 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आयी थी| अभी तक यहाँ पर दो बार ही लोकसभा चुनाव हुए है | पहला लोकसभा चुनाव यहाँ 2009 में हुआ था तब यहाँ पर राजनाथ ने जीत दर्ज की थी इसके बाद लोकसभा चुनाव 2014 में राजनाथ सिंह को लखनऊ भेज दिया गया यहाँ से पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह को टिकट दिया गया था जिसका बहुत ही विरोध भी हुआ था लेकिन वीके सिंह ने इस पर जीत दर्ज की थी | भारतीय जनता पार्टी ने दोबारा फिर वीके सिंह पर भरोसा जताया है और लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट दिया है|

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गाजियाबाद लोकसभा सीट का समीकरण

गाजियाबाद लोकसभा सीट को उत्तर प्रदेश की बड़ी लोकसभा सीटों में गिना जाता है | यहाँ पर निर्वाचन आयोग की 2014 की रिपोर्ट को आधार माने तो लगभग 23 लाख से अधिक वोटर थे, अब यह संख्या इससे भी अधिक होगी | 2014 की रिपोर्ट के हिसाब से 13 लाख पुरुष और 10 लाख महिला वोटर थी | लेकिन 2014 में यहाँ पर केवल 56 प्रतिशत ही मतदान हुआ था | यहाँ पर 6000 से अधिक लोगों ने NOTA का प्रयोग किया था | गाजियाबाद लोकसभा सीट के अंतर्गत मुस्लिम जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है | मुस्लिम वोट जिसके पक्ष में हो जायेगा वह लगभग जीत के करीब पहुंच जाता है |

गाजियाबाद लोकसभा में विधानसभा सीटें

गाजियाबाद लोकसभा के अंतर्गत 5 विधानसभा सीटें है जो लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद और धोलाना है| विधानसभा चुनाव 2017 में धोलाना सीट बहुजन समाज पार्टी के खाते में गई थी जबकि अन्य सभी 4 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी |

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