कुमार विश्वास को येचुरी पर आया गुस्सा, कहा – ‘कुपढ़’,पुण्य नहीं तो कम से कम दृष्टि का मोतियाबिंद तो दूर होगा

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कवि से राजनेता बने कुमार विश्वास देश के नेताओं को निशाने पर लेने का एक भी नहीं छोड़ते हैं | कुमार विश्वास सोशल मीडिया पर काफी सक्रीय नजर आते है | ये राजनेता के साथ-साथ मशहूर कवि भी हैं जो अपने काव्य का सहारा लेते हुए हर किसी को निशाने पर ले लेते हैं  | कुमार राजधानी दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी के संस्थापकों में से एक रहे हैं |

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इस बार उन्होंने अपनी आलोचना का शिकार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के प्रमुख सीताराम येचुरी हुए है | जानकारी देते हुए बता दें की कुछ समय पहले ही येचुरी ने समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, सीताराम येचुरी ने कहा था, “रामायण और महाभारत भी हिंसा और युद्धों से भरी पड़ी हैं… प्रचारक होने के नाते, आप इनका ज़िक्र करते हैं, लेकिन फिर भी दावा करते हैं कि हिन्दू हिंसक नहीं हो सकते…? फिर इस बात को कहने के पीछे क्या तर्क है कि एक धर्म है, जो हिंसा करता है, और हम हिन्दू नहीं करते…”|

इनकी इसी बात को लेकर उन्होंने जवाब में सीताराम येचुरी को ‘कुपढ़’ कह डालने के साथ-साथ उनकी हार की भविष्यवाणी भी कर दी | कुमार विश्वास ने शुक्रवार 3 मई को माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा, “अपनी वैचारिकी की तरह, हे प्रचुर-कुपढ़ येचुरी जी, 23 मई के बाद अपने पराजय-कुल के अन्य रुदाली-साथियों के साथ जब रो-पीट कर निबट लें, तो मेरे पास पधारें, रामकथा सुनने…! पुण्य नहीं, तो कम से कम दृष्टि का पूर्वाग्रह-शापित मोतियाबिंद तो दूर होगा…! कभी यही शंका किसी और धर्म के ग्रंथ पर की…?”|

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