मिर्जापुर लोकसभा का जातीय समीकरण – किस पार्टी पर पड़ेगा भारी, किसके लिए है फायदेमंद

Mirzapur Lok Sabha Election- 2019

मिर्जापुर जिले की आबादी करीब 25 लाख है, जो यूपी का 33वां सबसे घनी आबादी वाला जिला है| 2011 की जनगणना के मुताबिक मिर्जापुर की आबादी लगभग 24,96,970 है| इसमें पुरुषों की जनसंख्या 13.1 लाख (53%) और महिलाओं की जनसंख्या 11.8 लाख (47%) है| मिर्जापुर लोकसभा में सामान्य वर्ग की आबादी 18,15,709 है, अनुसूचित जाति 6,61,129 और अनुसूचित जनजाति की आबादी 20,132 है|

नोट: मिर्जापुर लोकसभा चुनाव 19 मई 2019 को निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित कराये जायेंगे|

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यदि धर्म के आधार पर देखा जाये तो हिंदूओं की जनसंख्या 22 लाख से अधिक है, बल्कि मुस्लिम जनसंख्या 1 लाख 95 हजार है, तो ईसाइयों की जनसंख्या 2300 से अधिक है|

मिर्जापुर लोकसभा के अंतर्गत 5 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, इसमें छानबे विधान सभा क्षेत्र सुरक्षित सीट के रूप में दर्ज है| इस पर अपना दल (सोनेलाल) का कब्जा बरकरार है|

मिर्जापुर में बड़ी संख्या में किसान है, लेकिन यहाँ पर राजनीतिक वर्चस्व वैश्य समाज का है| यहाँ पर कुल 70 हजार यानी 18% वैश्य वोटर हैं| वैश्य समाज को बीजेपी का पारंपरिक वोटर के रूप में जाना जाता है| यह वोटबैंक कैलाश चौरसिया के कारण सपा के खाते में जाता है|

यहाँ पर अपना दल की प्रमुख अनुप्रिया पटेल सांसद है| अनुप्रिया पटेल बीजेपी से गठबंधन के तहत जुडी हुई है| लोकसभा चुनाव 2019 में यह देखना होगा, कि इस सीट पर अनुप्रिया पटेल की वापसी होती है या किसी अन्य दल के खाते में जाती है|

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