मोदी सरकार के इस नए नियम से फर्जी ‘ड्राइविंग लाइसेंस’ और ‘दलाली’ पर लगेगी रोक

देश के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी जी नें परिवहन के नियमों को देखते हुए काफी कड़े तेवर दिखाई दे रहे हैं। मोदी सरकार ने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पर रोक लगाने के लिए मोटर व्हीकल अमेंडमेंट को सदन में पेश कर दिया है। दरअसल सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में मोटर व्हीकल अमेंडमेंट बिल को पेश करते कहा, कि भारत में 30 फीसद ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं|

ये भी पढ़े: IFS अधिकारी विवेक कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निजी सचिव नियुक्त किया गया

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहां सबसे आसानी से लाइलेंस मिलता है। एक आदमी दिल्ली में लाइसेंस लेता है, फिर वही जयपुर और मुंबई से भी| उन्होंने आगे कहा, कि भारत में ड्राइविंग लाइसेंस पाना सबसे आसान है। गडकरी ने मौजूदा सिस्टम पर तंज कसते हुए कहा कि अगर आप ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोग्राफ देखेंगे तो फोटो मैच नहीं करेगी।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मोटर व्हीकल्स अमेंडमेंट बिल को पेश करते हुए कहा, कि भारत में 30 फीसद ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं। इस बिल के लागू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस और व्हीकल रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा।

वर्तमान समय में ड्राइविंग लाइसेंस 20 साल के लिए वैलिड है, परन्तु इस बिल के पास हो जानें पर इसकी वैलिडिटी 10 वर्ष कर दी जाएगी| वहीं, 55 साल या उससे अधिक के व्यक्ति के लिए ड्राइविंग लाइसेंस केवल 5 सालों के लिए वैद्य रहेगा।

ये भी पढ़े: चलती रहेगी गरीब रथ, न बढेगा किराया और न ही सूरत