पहले थी आंगनवाड़ी कुक और अब सांसद बन गयी 70 साल की प्रमिला बिसोई

ओडिशा की प्रमिला बिसोई जो पहले आंगनवाड़ी में खाना बनाने का काम करती थीं, और अब वो एक मशहूर सांसद बन गई हैं, जिनकी उम्र 70 साल हैं| प्रमिला जी ने पहले बड़े पैमाने पर महिलाओं को स्वरोजगार में मदद करने का काम किया और अब 17वीं लोकसभा में सांसद का पद हासिल किया है| प्रमिला बिसोई बीजू ने जनता दल (बीजेडी) के टिकट पर ओडिशा की अस्का लोकसभा सीट से चुनाव में अपनी जीत दर्ज की है| उन्होंने लगभग 2 लाख वोटो की बढ़त के साथ अपनी जीत हासिल की हैं|

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स्थानीय लोग उन्हें प्यार से ‘परी मां’ कहते हैं| प्रमिला जी की शादी पांच साल की उम्र में ही कर दी गई थी, जिसके कारण वो आगे की आगे की पढ़ाई भी नहीं कर सकी| इसके बाद प्रमिला ने गांव में ही आंगनवाड़ी में कुक बन गई, फिर उन्होंने गांव में ही एक स्वयं सहायता समूह की शुरुआत की जिसमें उन्होंने सफलता हासिल की और वह ओडिशा के महिला स्वयं सहायता समूह के ‘मिशन शक्ति’ की प्रतिनिधि बन गईं|

मार्च में प्रमिला बिसोई की उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा था, “यह मिशन शक्ति से जुड़ी लाखों महिलाओं के लिए एक उपहार है |”मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रमिला के पति चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारी थे | उनके बड़े बेटे दिलीप चाय की दुकान चलाते हैं और छोटे बेटे रंजन  गाड़ियों की रिपेयरिंग की दुकान खोले हुए हैं | प्रमिला का  यह परिवार एक टिन की छत वाले एक छोटे से घर में  एक साथ रहता है |

प्रमिला के साथ स्वयं सहायता समूह में काम कर चुकीं शकुंतला ने बताया कि, उनके समूह की महिलाएं प्रमिला को माँ की तरह मानती हैं | दस साल पहले प्रमिला के कहने पर ही शकुंतला और गांव की 14 महिलाओं ने मिलकर एक स्वयं सहायता समूह की शुरुआत की थी |”

 प्रमिला ठीक से हिंदी नहीं बोल सकतीं | लेकिन अंग्रेज़ी अख़बार ‘द हिंदू’ से बातचीत में उन्होंने इस दलील को ख़ारिज़ कर दिया कि राष्ट्रीय राजनीति में सिर्फ हिंदी या अंग्रेज़ी बोलने वाले ही सफल हो सकते हैं |

उन्होंने कहा, “मैं गर्व से संसद में अपनी मातृभाषा उड़िया में ही बोलूंगी | ”

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