World Heritage Day 2019: क्यों और कब से मनाया जाता है विश्व धरोहर दिवस


यूनेस्को प्रत्येक वर्ष 18 अप्रैल को ‘व‌र्ल्ड हेरिटेज डे’ के रूप में मनाता है| इस दिन विश्व के सांस्कृतिक-ऐतिहासिक स्थलों और विरासतों को आने वाली पीढ़ी के लिए संरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है| लोग दुनियाभर से ऐसे ऐतिहासिक स्थलों और विरासतों को देखने के लिए आते है, जिससे प्राकृतिक धरोहरों के बारे में नयी पीढ़ी को जानकारी होती है, जो की आगे की पीढ़ी में विस्तारित होती है| विरासतों को सुरक्षित रखने के लिए यह यूनेस्को का जागरूकता अभियान है, जिससे सारे देश इस तरफ ध्यान दे और अपने- अपने देश की विरासत को बनाये रखे|

ये भी पढ़ें: विश्वविद्यालय की नयी रैंकिंग में कौन है आगे और किसने किसको पछाड़ा – जानिए सब कुछ यहाँ

विश्व धरोहर स्थल

वह स्थान जो सांस्कृतिक महत्व और प्राकृतिक महत्व का केंद्र होते है, जो ऐतिहासिक और पर्यावरण को सजोये रखते है ऐसे स्थलों को विश्व धरोहर स्थल कहा जाता है| यह स्थल लगभग प्रत्येक देश में होता है| इन स्थलों का अंतरराष्ट्रीय महत्व होता है| जो कि पर्यावरण स्तर को भी बनाये रखते है| इन स्थानों की पहचान संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को के द्वारा की जाती है जिसके बाद इन्हें विश्व धरोहर की मान्यता प्रदान की जाती है| मान्यता देते समय यूनेस्को देखता है, कि वह स्थल मानवता के लिए आवश्यक है कि नहीं जिससे वहां की सांस्कृतिक और भौतिक महत्व को बनाये रखा जा सकता है|

व‌र्ल्ड हेरिटेज डे (World Heritage Day)

यूनेस्को ने सांस्कृतिक-ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासतों की विविधता और रक्षा के लिए 18 अप्रैल को व‌र्ल्ड हेरिटेज डे मनाने की घोषणा की थी| इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ माउंटेन्स एंड साइट ने 18 अप्रैल 1982 को विश्व धरोहर दिवस मनाने का सुझाव दिया था| जिसके बाद नवंबर 1983 में यूनेस्को के 22वें सत्र में 18 अप्रैल को व‌र्ल्ड हेरिटेज डे के रूप में मानाने का प्रस्ताव पास किया गया|

ये भी पढ़ें: पद‌्मश्री सम्मान पाने वालो में उत्तर प्रदेश से 10 लोग

धरोहर संरक्षण कार्य

किसी भी धरोहर को संरक्षित करने का कार्य अंतरराष्ट्रीय स्मारक एवं स्थल परिषद और विश्व संरक्षण संघ के द्वारा किया जाता है| यह दोनों संस्था सांस्कृतिक-ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासतों के लिए विश्व धरोहर समिति से सिफारिश करती है | इस समिति की बैठक वर्ष में केवल एक बार आयोजित होती है| बैठक में समिति निर्णय लेती है कि वह विश्व धरोहर सूची में उस स्थान को सम्मिलित करे अथवा न करे| चयनित स्थानों, जैसे-वन क्षेत्र, पर्वत, झील, मरुस्थल, स्मारक, भवन या शहर इत्यादि की देख-रेख यूनेस्को के सरंक्षण में की जाती है| विश्व में कुल 1052 विश्व धरोहर स्थल हैं। इनमें से 814 सांस्कृति, 203 प्राकृतिक और 35 मिश्रित हैं|

भारत में धरोहर स्थल

वर्तमान समय में भारत में 27 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित सहित कुल 35 विश्व धरोहर स्थल हैं|

सांस्कृतिक धरोहर स्थल

आगरा का किला (1983)
अजंता की गुफाएं (1983)
नालंदा महाविहार (नालंदा विश्वविद्यालय), बिहार (2016)
सांची बौद्ध स्मारक (1989)
चंपानेर-पावागढ़ पुरातात्विक पार्क (2004)
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (पूर्व में विक्टोरिया टर्मिनस) (2004)
गोवा के चर्च और कॉन्वेंट्स (1986)
एलिफेंटा की गुफाएं (1987)
एलोरा की गुफाएं (1983)
फतेहपुर सीकरी (1986)
ग्रेट लिविंग चोल मंदिर (1987)
हम्पी में स्मारकों का समूह (1986)
महाबलिपुरम में स्मारक समूह (1984)
पट्टडकल में स्मारक समूह (1987)
राजस्थान में पहाड़ी किला (2013)
हुमायूं का मकबरा, दिल्ली (1993)
खजुराहो में स्मारकों का समूह (1986)
बोध गया में महाबोधि मंदिर परिसर (2002)
माउंटेन रेलवे ऑफ इंडिया (1999)
कुतुब मीनार और इसके स्मारक, दिल्ली (1993)
रानी-की-वाव पाटन, गुजरात (2014)
लाल किला परिसर (2007)
भीमबेटका के रॉक शेल्टर (2003)
सूर्य मंदिर, कोर्णाक (1984)
ताज महल (1983)
ला कॉर्ब्युएर का वास्तुकला कार्य (2016)
जंतर मंतर, जयपुर (2010)

प्राकृतिक धरोहर स्थल

हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान संरक्षण क्षेत्र (2014)
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (1985)
केओलादेओ नेशनल पार्क (1985)
मानस वन्यजीव अभयारण्य (1985)
नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (1988)
सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान (1987)
पश्चिमी घाट (2012)
हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान संरक्षण क्षेत्र (2014)
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (1985)
केओलादेओ नेशनल पार्क (1985)
मानस वन्यजीव अभयारण्य (1985)
नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (1988)
सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान (1987)
पश्चिमी घाट (2012)

ये भी पढ़ें: भारत का पहला लोकपाल कौन बना ?