क्या होता है मोस्ट फेवर्ड नेशन जानिए | पाकिस्तान का MFN का दर्जा भारत ने किया रद्द

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गुरुवार को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमला हुआ, इस हमले में 37 जवान शहीद हो गए हैं जबकि कई घायल है | इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया गया है, प्रत्येक भारतीय पाकिस्तान से इसका बदला लेने की मांग केंद्र सरकार से कर रहा है | भारत ने बदला लेने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है, अभी थोड़ी देर पहले ही भारत द्वारा पाकिस्तान को दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेने की घोषणा कर दी गयी है |

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मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) क्या है ?

मोस्ट फेवर्ड नेशन एक विशेष दर्जा होता है, जो एक देश के द्वारा दूसरे देश को व्यापार करने के लिए दिया जाता है, इसके अंतर्गत एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र को भेदभाव रहित व्यापार करने का भरोसा देता है | डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुरूप मोस्ट फेवर्ड नेशन एक-दूसरे से किसी भी तरह का भेदभाव नहीं कर सकते है |

नियम के अनुसार अगर व्यापार सहयोगी को विशेष सुविधा या स्टेटस दिया जाता है तो WTO के सभी सदस्य राष्ट्रों को भी वैसा ही दर्जा दिया जाना चाहिए |

इसका अर्थ यह है, कि मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे वाले देश को अपने देश में विशेष सुविधाएँ जैसे कस्टम ड्यूटी इत्यादि में छूट दी जाती है , अब भारत ने पाकिस्तान से यह दर्जा वापस ले लिया है, इसलिए पाकिस्तान को अब व्यापार में किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिल पाएगी |

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भारत ने पाकिस्तान को कब दिया था एमएनएफ का दर्जा

भारत 1 जनवरी 1995 को डब्ल्यूटीओ का सदस्य बना था | एक साल के बाद 1996 में भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दे दिया था, परन्तु पाकिस्तान ने भारत को एमएनएफ का दर्जा नहीं दिया | वर्ष 2015 में पाकिस्तान की व्यापार नीति की समीक्षा की गयी जिस पर डब्ल्यूटीओ ने अपनी रिपोर्ट जारी की इसके अनुसार ‘पाकिस्तान भारत को गैर-भेदभावपूर्ण बाजार (एमएनएफ के समान) पहुंच प्रदान करने की प्रक्रिया में रखता है।’

एमएनएफ दर्जा वापस लेने से राजनीतिक नुकसान

डब्ल्यूटीओ के नियमानुसार जब कोई देश किसी दूसरे देश से एमएनएफ का दर्जा वापस लेता है, तो उस क्षेत्र में दर्जा वापस लेने वाले देश की छवि ख़राब होती है | पाकिस्तान इसे अपने पक्ष में भुनाने का प्रयास करेगा | इससे हो सकता है कि दक्षिण एशिया में भारत की छवि को ख़राब हो जाए | दक्षिण एशिया में साफ्टा नामक मुक्त व्यापार के सदस्य भारत और पाकिस्तान दोनों ही है |

पाकिस्तान अटारी-वाघा सीमा पर भारत से केवल 138 वस्तुओं का आयात किया जाता है | पाकिस्तान ने अपनी नकारात्मक सूची में भारत के 1,209 वस्तुओं को शामिल किया हुआ है

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