कन्नौज लोकसभा सीट का इतिहास क्या रहा है अब तक, कितने है इस क्षेत्र में वोटर्स

कन्नौज राजा हर्षवर्धन की नगरी है| कन्नौज लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का वर्चस्व कायम रहा है| इस सीट पर वर्ष 1967 तक कांग्रेस का दबदबा रहा,  जिसे राममनोहर लोहिया तोड़ दिया था| इसके बाद कन्नौज लोकसभा सीट पर वर्ष 1999 से अब तक हुए आम चुनाव और उप चुनाव में लगातार सपा ने जीत दर्ज की है|

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यहाँ पर हैट्रिक लगायी है| वर्ष 2012 में अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री बने थे, उस समय उन्होंने अपनी पत्नी डिंपल यादव को उपचुनाव में उतारा था, जो निर्विरोध चुनी गई थी| मोदी लहर में सुब्रत पाठक ने जरूर इस सीट पर टक्कर दी थी, लेकिन वह हार गई| यहां पर भाजपा ने केवल एक बार वर्ष 1998  में जीत दर्ज की थी|

नोट:- कन्नौज लोकसभा सीट में मतदान चौथे चरण के अंतर्गत 29 अप्रैल को होगा|

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कितने है इस क्षेत्र में वोटर्स

कन्नौज में 16 फीसदी यादव मतदाता हैं, 36 फीसदी मुस्लिम वोटर है, 15 फीसदी ब्राह्मण मतदाता है, 10 फीसदी राजपूत हैं, ओबीसी मतदाताओं में लोधी, कुशवाहा, पटेल बघेल मतदाताओं की संख्या भी अच्छी-खासी है| सपा के लिए यह सबसे बुरा होगा यदि मुस्लिम वोटर उनके पक्ष में मतदान नहीं करता है|

नोट: कन्नौज लोकसभा चुनाव 29 अप्रैल को आयोजित किये जायेंगे|

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