लोकतंत्र की शक्ति : बीपीएल कार्डधारक को भी बना दिया सांसद -पढ़े पूरी स्टोरी

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भारत में लोकतंत्र बनाये रखने के लिए आम जनता को वोट देने का अधिकार दिया गया| जनता इस वोट के द्वारा जिसे चाहे अपना प्रतिनिधि चुन सकती है| इस लोकसभा चुनाव के साथ आंध्र प्रदेश में विधान सभा चुनाव भी हुए है, दोनों चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने जबदस्त जीत दर्ज की है|

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वाईएसआर कांग्रेस ने यहाँ से 25 सीटों में 22 सीटों पर कब्ज़ा किया है| इन 22 सासंदों में किसान, सर्किल इंस्पेक्टर, फिजिकल एजुकेशन टीचर और ग्रुप 1 ब्यूरोक्रेट जैसे लोग चुने गए है| इससे लोकतंत्र की खाशियत और वोट की शक्ति के बारे में पता चलता है|

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बीपीएल कार्डधारक सांसद नंदीगम सुरेश

आंध्र प्रदेश की बापटला लोकसभा सीट से नंदीगम सुरेश निर्वाचित हुए है| यह एक किसान है, और केले की खेती करते है, साथ ही यह बीपीएल कार्डधारक भी है| सुरेश के परिवार की आजीविका का साधन यह केले की खेती ही है, इसके अतिरिक्त वह पार्ट टाइम फोटोग्राफर का काम भी करते है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो जाती है|

सुरेश ने बताया, कि 2015 में पुलिस ने आगजनी की एक घटना में उसे जबरदस्ती फसाने का षडयंत्र रचा था| इस षडयंत्र में केले की नर्सरी में आग लगायी गयी, जिसमें मुझसे वाईएसआरसी अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी पर आरोप लगाने का दबाव बनाया गया था|

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अपनी जीत के बाद सुरेश ने कहा, कि ‘सर्कल इंस्पेक्टर सी कोटेश्वर राव ने मुझसे एक कबूलनामा लेने की कोशिश की, कि मैंने जगन के कहने पर आग लगाई। मैंने इनकार कर दिया और कहा, कि न ही मैंने घटना की है और न ही जगन ने ऐसा करने के लिए मुझसे कहा।’ पिछले साल जगन ने सुरेश को बापटला लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंप दी थी| इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी अपनी पार्टी का प्रत्याशी बनाया|

सुरेश द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार यह पता चलता है ,कि वहां पर कानून की आड़ में कई गलत कार्य कराने की चेष्टा कराई जा रही थी, जिससे जनता में बहुत ही आक्रोश था| जिस वजह से जनता ने तत्कालीन सरकार को बहुत ही करारा जवाब दिया है|

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