वाहन का परफॉर्मेंस और माइलेज बढ़ाना है तो टायर में भरवाए नाइट्रोजन गैस, ये हैं फायदे

प्रत्येक व्यक्ति अपनी गाड़ी में अच्छा एवरेज प्राप्त करना चाहता है जिसके लिए वह तरह- तरह की सावधानियां बरतता है, जिससे गाड़ी की परफॉर्मेंस सही बनी रहे और खर्च में कटौती की जा सके | आज के समय में कार निर्माता कम्पनियाँ अपनी गाड़ियों के टायरों में नाइट्रोजन हवा भरने की सलाह देती है | नाइट्रोजन हवा नार्मल हवा की तुलना में महंगी पड़ती है, जिससे कई बार वाहन स्वामी इसे नहीं भरवाते है, लेकिन गाड़ी की परफॉर्मेंस सुधारने के लिए यह आवश्यक है |

यह भी पढ़े: 1 अप्रैल से लागू होने वाली इस स्कीम से, कारों पर मिलेगी 1.5 लाख तक की सब्सिडी

नाइट्रोजन गैस एक गैर-ज्वलनशील गैस है, यह गैस टायर के अंदर नमी को बरकारार रखती है जिससे टायर में क्रैक पड़ने की सम्भावना कम हो जाती है |

यह गैस टायर के रिम को कम नुकसान पहुँचाती है जिससे रिम कमजोर होकर मुड़ने की सम्भावना कम हो जाती है |

नाइट्रोजन गैस ठंडी होती है जिससे गाड़ी चलने पर टायर कम गर्म होते है | टायर गर्म होने पर हवा का फैलाव अधिक होता है जिससे टायर फट सकता है | ठंडी हवा होने के कारण टायर नहीं फटते है |

यह गैस टायर के अंदर एक सामान दबाव बना कर रखती है जिससे गाड़ी का एवरेज और परफॉर्मेंस दोनों ही सही रहती है |

नाइट्रोजन हवा महंगी होती है इसके लिए आपको 20 से 25 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते है | बल्कि सामान्य हवा पेट्रोल पम्प पर फ्री में भर दी जाती है |

नाइट्रोजन गैस लम्बे समय तक टायर में बनी रहती है जिससे जल्दी- जल्दी हवा डालने की आवश्यकता नहीं होती है |

फॉर्मूला वन रेस में प्रयोग की जाने वाली गाड़ियों में नाइट्रोजन गैस ही डाली जाती है, जिससे गाड़ी की परफॉर्मेंस अच्छी रहे और रेस को आसानी से जीता जा सके |

ये भी पढ़ें: आखिर क्यों कर रही मारुति सुजुकी डीजल कारों का प्रॉडक्शन बंद, समझिये इन 10 बड़ी बातों से